कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस और प्रशासन की टीम यहां अतिक्रमण हटाने के लिए आई थी। लेकिन प्रशासन के इस अभियान के दौरान स्थानीय लोग नाराज हो गए। नाराज लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद पुलिस ने इस भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।
बताया जा रहा है कि यहां पुलिस अधिकारी तटीय जिले देवभूमि द्वारका, पोरबंदर और गिर सोमनाथ में अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई में जुटे हैं। सोमवार से ही पुलिस विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माण को हटाने का काम कर रही थी। इससे पहले द्वारका में पुलिस ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ कानून का डंडा चलाया था। यहां बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे को हटाया गया था। अभियान के दौरान जिले और पड़ोसी जिलों और यहां तक कि राज्य रिजर्व पुलिस बल के पुलिस बल के 1000 से अधिक जवानों को सेवा में लगाया गया था।