करोड़ों खर्च कर अध्यक्ष बनने का सपना देखने वालों में पहला नाम विशाल का तो दूसरा नायक का…

दमण। संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव अब जल्द होने वाला है। संगठनात्मक चुनाव – 2019 की टिम तैयार हो चुकी है। भाजपा द्वारा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव हेतु पर्यवेक्षकों कि सूची भी तैयार कि जा चुकी है। सूची में दादरा नगर हवेली तथा दमण-दीव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव हेतु श्री किशन रेड्डी और संबित पत्रा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। श्री किशन रेड्डी केन्द्रीय राज्य मंत्री है और संबित पत्रा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता।

प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव के लिए भाजपा द्वारा पर्यवेक्षकों कि सूची जारी होने के बाद दादरा नगर हवेली और दमण-दीव संघ प्रदेशों का विलय हो गया, दो संघ प्रदेशों को एक संघ प्रदेश बना दिया गया तो अब यह चर्चा भी है कि संघ प्रदेश एक है तो भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष भी एक ही होगा।

वैसे दमण-दीव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कि रेस में, वासू पटेल, दीपेश टंडेल, नवीन पटेल, विशाल टंडेल, मनोज़ नायक, तरुणा पटेल, बी-एम माछी के नाम पर जनता में चर्चा हो रही है वही दादरा नगर हवेली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कि रेस में, नटु पटेल, हशमुख भण्डारी, दिग्विजय परमार, दीपक जादव, फतेसिंह चौहान, राकेश चौहान, अनिल पटेल के नाम कि चर्चाए चल रही है। लेकिन अब यदि दादरा नगर हवेली और दमण-दीव का एक प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया तो रेस में किसना नाम सबसे आगे होगा यह कहना तो अभी काफी मुश्किल है।

वैसे चर्चा यह भी है कि जब गोपाल टंडेल को दमण-दीव भाजपा अध्यक्ष बनाया गया तब दमण-दीव में यह चर्चा हुई थी कि 1.5 करोड़ देकर गोपाल टेंडेल अध्यक्ष बने, अब यदि उस वक्त हुई चर्चा को सही माने तो इस वक्त करोड़ों खर्च कर अध्यक्ष बनने का सपना देखने वालों में पहला नाम विशाल टंडेल का लिया जा रहा है और दूसरा नाम मनोज़ नायक का। विशाल टंडेल कुछ वर्ष पहले तक दमण-दीव कांग्रेस अध्यक्ष थे, राजनीति के सारे गुर विकरोड़ों खर्च कर अध्यक्ष बनने का सपना देखने वालों में पहला नाम विशाल का तो दूसरा नायक का... - दमण समाचारशाल ने कांग्रेस से ही सीखे, वह कई बार पूर्व में हुए अपने भाषणों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी माता भी बता चुके है। कुछ वर्ष पहले जब दमण-दीव में विधुत विभाग के भ्रष्टाचार को लेकर जनता ने भीषण आंदोलन किया उस वक्त विशाल टेंडेल पर कई बार आरोप लगे कि वह दमण-दीव कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बैठ विधुत विभाग के अभियन्ताओं को यूपीए से संरक्षण प्रदान करवा रहे थे। यूपीए का वो दौर सबको याद है जब जनता विधुत विभाग के भ्रष्टाचार को लेकर सड़कों पर आई उस वक्त दमण-दीव में यह चर्चा भी हो रही थी कि विशाल ने विधुत विभाग के अभियन्ताओं के साथ मिलकर तथा कांग्रेस के पद पर रहकर करोड़ों कि काली कमाई की। विशाल टेंडेल पर लगे आरोपों पर कोई जांच हो उससे पहले ही सरकार बदलते ही विशाल ने पार्टी ही बदल दी। कांग्रेस का दामन छोड़ दिया और भाजपा में शामिल हो गए।

भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद विशाल टेंडेल को भाजपा प्रदेश उप प्रमुख का पद दिया गया लेकिन विशाल के एक वीडियो ने उस पद कि गरिमा को ही तार-तार कर दिया, फिर क्या था भाजपा ने विशाल टंडेल से भाजपा प्रदेश उप प्रमुख का पद छिन लिया। कुछ समय बाद पुनः विशाल टंडेल को भाजपा प्रवक्ता का पद दिया गया। जब विशाल टंडेल भाजपा प्रवक्ता बने तो सोशल मीडिया में विशाल टंडेल के सेकड़ों फेल्ट होने के मेसेज व्हाट्सप्प पर वायरल होने लगे। खेर इस वक्त सवाल यह नहीं है कि किस नेता ने पूर्व में क्या किया? सवाल तो यह है कि इस वक्त जिसे अध्यक्ष पद दिया जाएगा वह जनता के लिए क्या करेगा? यह सवाल इस लिए क्यो कि जनता से पक्ष है पार्टी है। ना कि पार्टी और पक्ष से जनता। और केन्द्रीय आला कमान भी इस बात से इंकार नहीं कर सकती। वैसे बात यही खत्म नहीं होती बात अभी बाकी है। राजनीतिक जानकारों कि माने तो पद कि लालसा करने वाले विशाल और नायक को यदि प्रदेश अध्यक्ष का पद नहीं मिला तो उनकी नज़रे जिला अध्यक्ष के पद पर रहेगी, मतलब कि प्रदेश अध्यक्ष के पद कि रेस से बाहर होने पर वह जिला अध्यक्ष कि रेस में जीतने के प्रयास कर सकते है।

वैसे दोनों प्रदेशों के सभी भाजपा नेताओं सूची तैयार कि जाए तो सबसे अनुभवी नेता वासू पटेल, दीपक जादव, अनिल पटेल और नट्टू पटेल है। नट्टू पटेल का नाम इस रेस में इस लिए भी है क्यो कि दोनों प्रदेशों में भाजपा के पास ऐसा और कोई नेता नहीं है जो पूर्व में भाजपा से सांसद का चुनाव जीता हो और जिसे दोनों प्रदेशों कि जनता करीब से जानती हो। हालांकि नट्टू पटेल के लिए लोगों का यह भी कहना है कि उन्हे राजनीतिक संगठन चलाने का अनुभव नहीं है। ऐसे में फिर सवाल वही है कि दादरा नगर हवेली और दमण-दीव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पद अब किसे मिलेगा और किसे प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा? लगता है इस सवाल का जवाब उसी वक्त मिलेगा जब प्रदेश अध्यक्ष कि नियुक्ति होगी।

दमण-दीव कि कुत्सित राजनीति और राजनीतिज्ञों पर बड़े खुलासे जल्द…

दादरा नगर हवेली और दमण-दीव में भाजपा संगठन मंत्री विवेक धाड़कर के 8 साल पूरे हो चुके है। दमण के राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है कि विवेक धाड़कर ने भाजपा कि एक मीटिंग में कहा था कि उन्होने उमेश को 6 लाख का फंड दिया और इसी लिए लालू पटेल कि जीत हुई, अब संगठन मंत्री विवेक धाड़कर कि इस बात का क्या मतलब निकाला जाए? इस चर्चा के बाद सवाल यह भी उठता है कि भाजपा संगठन मंत्री विवेक धाड़कर को फंड कहा से मिला और उन्होने किसके कहने पर भाजपा के विरोधी उम्मीदवार को फंड दिया?

चर्चा यह भी हो रही है कि भाजपा के कई नेता पद और कुर्सी कि सौदेबाजी करते आए है। इतना ही नहीं दमण-दीव कि कुत्सित राजनीति और नेताओं के बारे में भी क्रांति भास्कर कि टिम को काफी चौकाने वाली जानकारिया मिली है। क्रांति भास्कर कि टिम मिली जानकारियों कि सत्यता पर अपनी पड़ताल कर उन्हे भी भाजपा आलाकमान और जनता के सामने रखेगी। शेष फिर।

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