दमण। आम आदमी यदि राशन कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेन्स जैसे अन्य जरूरी कागजातों के लिए आवेदन करता है तो उसे कितने चक्कर लगाने पड़ते है यह तो सभी जानते है, लेकिन उन चक्करों का कारण क्या है और उसका अंत कैसे हो यह सवाल आम आदमी नहीं करता क्यों की उसे लगता है प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली को सुधारना उसकी औकात से बाहर है यही सोचकर आम आदमी शिकायत करने से परहेज करता है और उसका यही परहेज भ्रष्ट, नाकारा और कामचोर अधिकारियों को बल देती है। जनता जब प्रशासनिक अधिकारियों के पास अपना काम लेकर जाती है तो वह यह भूल जाती है की उसके पास सरकार बनाने और सरकार गिराने की वो शक्ति है जो उसे संविधान से मिली है।
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खेर मामला यह नहीं है की जनता के पास क्या है। मामला तो यह है की गरीब जनता को चक्कर कटवाने वाले प्रशासनिक अधिकारी रसुखदारों का काम चुटकियों में कैसे कर देते है? सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी उक्त सवाल को और बल देती है।
जानकारी मिली है की दिनांक 09-08-2017 को दमण ( Daman ) में प्रोजेक्ट, THE ADDRESS-PHASE-1, THE ADDRESS-PHASE 2, बहुमंजिला इमारतों एवं भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए दमण फायर एंड एमर्जेंसी सर्विस विभाग को आवेदन दिया गया था, उक्त प्रोजेक्ट DARSHAK SHAH AND DHARMENDRA TANDEL का बताया जाता है। दिनांक 16-08-2017 को उक्त मामले की फाइल विभाग के निदेशक के पास पहुंची और मात्र 24 घंटे में यानि की दिनांक 17-08-2017 को फायर एंड एमर्जेंसी सर्विस विभाग के निदेशक ने बहुमंजिला इमारतों एवं भवन निर्माण की स्वीकृति हेतु अपना अप्रूवल दे दिया, अप्रूवल के ठीक अगले दिन आवेदांकर्ता को विभाग ने फीस जमा करने को कहा और 21-08-2017 को फायर एंड एमर्जेंसी सर्विस विभाग ने बहुमंजिला इमारतों एवं भवन निर्माण की स्वीकृति हेतु NOC जारी कर दी।
चौकाने वाली बात यह है की 16-08-2017 को मामले की फाइल फायर एंड एमर्जेंसी सर्विस विभाग के निदेशक के पास पहुंची और मात्र 24 घंटे से भी कम समय में यानि की 17-08-2017 को फायर एंड एमर्जेंसी सर्विस विभाग के निदेशक ने अप्रूवल दे दिया, क्या इतने कम समय में यह कार्य मुमकिन था, क्या अप्रूवल देने से पहले विभागीय अधिकारियों ने निर्माण संबन्धित प्लान एवं अन्य कागजातों की ठीक से जांच की होगी और क्या विभागीय अधिकारियों ने स्थल पर जाकर निरक्षण किया होगा?







यदि बात केवल एक भवन निर्माण की होती तो बात कुछ और थी लेकिन उक्त प्रोजेक्ट में कई इमरते और भवन निर्माण शामिल है तो ऐसे में इतने कम समय में तो केवल आंखे बंद कर निरक्षण और जांच भी संभव नहीं लगती ऐसे में खुली आँखों से विभागीय अधिकारियों ने ठीक तरह से जांच एवं निरक्षण किया होगा यह कैसे माना जाए? यह सवाल इस लिए भी जरूरी है क्यों की ( Daman ) दमण में कई इमारतों के निर्माण के बाद प्रशासन द्वारा इमारतों को नोटिस मिल चुका है, इमारतों के अटके Completion certificate मामले के बारे में भी सभी जानते है। ऐसे में यदि उक्त प्रोजेक्ट में भी बाद भी किसी प्रकार की अनियमितता सामने आई और प्रशासन ने नोटिस जारी किए तो उक्त प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले निवेशकों का क्या होगा? प्रशासन के वरीय अधिकारियों को चाहिए की उक्त प्रोजेक्ट को जारी तमाम NOC को एक बार ठीक से जांच ले तथा जिस जगह प्रोजेक्ट चल रहा है उस जगह स्थल का भी ठीक तरह से सर्वे कर जांच कर पता लगा ले की उक्त प्रोजेक्ट में किसी प्रकार की अनियमितताएँ तो नहीं जिससे आने वाले समय में जनता को किसी प्रकार की मुसीबतों का सामना ना करना पड़े और प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा ना भुगतना पड़े।
