दमण-दीव, दादरा नगर हवेली को जोड़कर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा: मोदी सरकार

दमण। संघ प्रदेश दमण-दीव और दादरा नगर हवेली (DNH) का विलय अब तय माना जा रहा है। क्यो कि इस विलय के लिए सरकार ने अपना मन बना लिया है। हालांकि इससे पहले भी कई बार संघ प्रदेश दमण-दीव और दादरा नगर हवेली को गुजरात में जोड़ने कि अफ़वाए उठती रही थी, लेकिन इस बार कोई अफ़वाह नहीं है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने बताया कि इस उद्देश्य के लिये लोकसभा में एक विधेयक अगले हफ्ते पेश किया जाएगा। मेघवाल ने कहा कि दादरा और नगर हवेली और दमन व दीव (केंद्र शासित प्रदेशों का विलय) विधेयक 2019 अगले सप्ताह के लिए प्रस्तावित किया गया है। और यह विलय बेहतर प्रशासन और विभिन्न कार्यों के दोहराव की जांच और निगरानी के उद्देश्य से किया जाने वाला है।

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वैसे आप को बता दे कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 35 किमी की दूरी है लेकिन दोनों प्रदेशों में अलग-अलग बजट और अलग-अलग सचिवालय हैं। दादरा और नगर हवेली में सिर्फ एक जिला है, एक समाहर्ता है जबकि दमन और दीव में दो जिले हैं और दो समाहर्ता है एक दमण में और एक दीव में।

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विलय के बाद केंद्र शासित प्रदेश का नाम दादरा नगर हवेलीदमन और दीव हो सकता है जबकि इसका मुख्यालय दमन और दीव होने की संभावना है। वैसे विलय के बाद दोनों प्रदेशों में किस तरह के परिवर्तन दिखने को मिलेंगे, दोनों प्रदेशों के विलय से जनता, व्यापार, उधोग और राजनीति पर क्या असर पड़ता है यह तो समय आने पर ही पता चल पाएगा। लेकिन जानकारों कि माने तो विकास और व्यवस्था बानाए रखने में प्रशासन को इस विलय से काफी मदद मिलेगी।