‘गहलोत’ अपने गढ़ में ही नहीं बचा पाए अपना ‘वैभव’

Jodhpur
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जोधपुर। देश की सबसे चर्चित सीटों में शुमार जोधपुर लोकसभा सीट पर भाजपा ने कब्जा बरकरार रखा है। यहां भाजपा प्रत्याशी केंद्रीय राज्यमंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने एक बार फिर जीत हासिल की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को करीब दो लाख 70 हजार से अधिक मतों से करारी हार दी है। हालांकि शेखावत पिछले लोकसभा चुनाव में मिले मतों से पिछड़ गए है। उन्होंने पिछली बार चार लाख दस हजार से अधिक मतों से विजय प्राप्त की थी।

राजस्थान में राजनीति के जादूगर कहे जाने वाले सीएम अशोक गहलोत खुद अपने ही गढ़ में अपना वैभव नहीं बचा सके। जोधपुर से कांग्रेस प्रत्याशी और सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव पहली बार चुनावी मैदान में उतरे थे और उन्हें हार का स्वाद चखना पड़ा। जोधपुर लोकसभा सीट पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पुत्र वैभव गहलोत को लॉन्च किया था लेकिन जोधपुर की जनता ने उन्हें नकार दिया है। यहां उन्होंने एक बार फिर भाजपा पर ही विश्वास जताया है। यहां एक बार फिर जीत का सेहरा भाजपा प्रत्याशी गजेंद्रसिंह के सिर पर सजाया गया है। शेखावत यहां से लगातार दूसरी बार जीते है। वे 2 लाख 70 हजार से ज्यादा वोटों से जीत गए है। इस लीड के साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विधानसभा क्षेत्र सरदारपुरा में भी वैभव गहलोत को पछाड़ा है। यहां भी उन्हें वैभव से ज्यादा वोट मिले है।

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लूणी में मिली सबसे अधिक लीड

चुनावी रिजल्ट के अनुसार गजेंद्रसिंह शेखावत को सबसे ज्यादा लीड लूणी विधानसभा क्षेत्र में मिली है। यहां उन्हें वैभव गहलोत से 68 हजार 167 वोट अधिक मिले है। इसके अलावा उन्हें जोधपुर में 29 हजार 728, शेरगढ़ में 39 हजार 605, सूरसागर व सरदारपुरा में 18 हजार 827, फलोदी में 18 हजार 866, लोहावट में 32 हजार 48, जोधपुर शहर में 29 हजार 728 और पोकरण विधानसभा क्षेत्र में 19 हजार 811 वोटों से लीड मिली है।

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बधाइयां देने वालों का लगा तांता

जीत की तस्वीर साफ होते ही गजेंद्रसिंह के खेमे में उत्सव का माहौल देखा गया। यहां उन्हें जीत की बधाई देने वालों का तांता लग गया। इस दौरान उनकी पत्नी नौनद कंवर और पुत्री सुहासिनी भी उपस्थित रही। महिला कार्यकर्ताआें ने भी उत्साहपूर्वक खुशियां मनाई। जीत की बधाई देने के लिए राज्ससभा संचेतक नारायण पंचारिया भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान गजेंद्रसिंह अपनी पत्नी के साथ अपने मित्र के घर पहुंचे और भगवान कृष्ण के दर्शन किए। वहीं समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठाकर अभिनंदन किया। युवाओं ने सेल्फी खींच कर जीत की बधाइयां देनी शुरू कर दी।