गुजरात ब्रिज हादसा: PM मोदी मंगलवार को जाएंगे मोरबी, पीड़ितों से कर सकते हैं मुलाकात

गुजरात के मोरबी में हुए भयानक हादसे के बाद इसकी जांच विशेष जांच दल ने शुरू कर दी है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी मंगलवार को मोरबी जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी कल दोपहर 1 बजे मोरबी जा सकते हैं। मोरबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीड़ित लोगों से मुलाकात कर सकते हैं। गुजरात के मोरबी शहर में मच्छु नदी पर केबल पुल हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर सोमवार को 134 हो गई। गुजरात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान जारी है। बता दें कि रविवार को हुए इस हादसे के बाद  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसपर दुख व्यक्त किया था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि गुजरात में मौजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पटेल और अन्य अधिकारियों से बात की है।

मार्च 2022 में मोरबी की ओरेवा ग्रुप (अजंता मेन्युफेक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड) को पुल के रखरखाव का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, मोरबी नगरपालिका के मुख्य अधिकारी संदीपसिंह जाला ने कहा, ‘पुल मोरबी नगरपालिका की संपत्ति है, लेकिन हमने 15 सालों तक रखरखाव और संचालन के लिए इसे कुछ महीनों पहले ओरेवा ग्रुप को सौंपा था। हालांकि, निजी कंपनी ने हमें जानकारी दिए पुल आने वालों के लिए खोल दिया था। इसके चलते हम पुल का सेफ्टी ऑडिट नहीं करा सके।’ उन्होंने बताया, ‘रिनोवेशन के काम के बाद इसे जनता के लिए खोल दिया गया था लेकिन स्थानीय नगरपालिका ने अब तक कोई फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया था।’ मच्छु नदी पर इस पुल का निर्माण 19वीं सदी में किया गया था। घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया गया है।

ये भी पढ़ें-  'कुछ लोगों की रातों की नींद उड़ सकती है', शरद पवार के साथ मंच साझा कर शिंदे का उद्धव पर निशाना

मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। मोरबी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इस हादसे में घायल लोगों से मिल सकते हैं। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों ने बताया कि इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेादी ने राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को अहमदाबाद में होने वाला अपना रोड शो रद्द कर दिया है। वह अहमदाबाद में कुछ रेल परियोजनाओं के उद्घाटन के कार्यक्रम में शामिल होंगे। सूत्रों ने बताया कि मोदी की उपस्थिति में मंगलवार को होने वाले ”पेज कमिटी सम्मेलन” को भी रद्द कर दिया गया है।

अहमदाबाद के रहने वाले विजय गोस्वामी और उनके परिवार के लोग मोरबी में हुए पुल हादसे में बाल-बाल बच गए। गोस्वामी पूरे परिवार के साथ रविवार को हुए भीषण हादसे से कुछ घंटे पहले ही पुल पर गए थे, लेकिन युवकों की ओर से केबल पुल हिलाए जाने के कारण वह नीचे उतर आए। हालांकि, कुछ घंटों बाद उनका डर सही साबित हुआ और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र मच्छु नदी पर बना केबल पुल शाम करीब 6:30 बजे टूट गया। हादसे में 132 लोगों की मौत हो गई है।

‘कुछ युवक जानबूझकर हिला रहे थे पुल’
गोस्वामी ने कहा कि वह दीवाली की छुट्टियों में परिवार के साथ मोरबी आए थे। अहमदाबाद पहुंचने के बाद गोस्वामी ने बताया, ‘पुल पर बहुत भीड़ थी। जब मैं और मेरा परिवार वहां पहुंचे तो कुछ युवक जानबूझकर पुल को हिला रहे थे। लोगों के लिए बिना सहारे के उसपर खड़ा होना मुश्किल था। चूंकि मुझे लगा कि यह खतरनाक साबित हो सकता है, मैं पुल पर कुछ दूर चढ़ने के बाद ही परिवार के साथ नीचे उतर आया।’

ये भी पढ़ें-  सफ़ाई अभियान की तरह भ्रष्टाचार मिताओं अभियान क्यो नहीं?

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कुछ युवकों को पुल के केबल को लात मारते और दूसरे लोगों को डराने के लिए पुल को हिलाते देखा जा सकता है। मौके पर मौजूद कई बच्चों ने बताया कि पुल गिरने के बाद उनके परिवार के सदस्य या माता-पिता अभी तक लापता हैं। 10 साल के एक बच्चे ने बताया, ‘बहुत भीड़ थी, तभी पुल अचानक टूट गया। मैं बच गया क्योंकि मैंने एक रस्सी पकड़ ली थी और फिर धीरे-धीरे उससे ऊपर आ गया। लेकिन मेरे मम्मी-पापा अभी भी लापता हैं।’

क्या कमाई बनी वजह?
पुल की यात्रा के लिए आने वाले लोग टिकट खरीद रहे थे। अब आशंकाएं जताई जा रही हैं कि ज्यादा कमाई के लालच में क्षमता से ज्यादा लोगों को पुल पर जाने दिया गया। हादसे में घायल हुए धीरज बाबूभाई सोलंकी अपने दो भतीजों को गंवा चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वह पुल के बीच में थे और पुल अचानक बैठ गया। सोलंकी ने बताया कि पुल भरा हुआ था। टिकट को लेकर जानकारी दी कि उन्होंने खुद के लिए 70 रुपये और बच्चों के लिए 12 रुपये का टिकट खरीदा था। वह बचावकार्य करने वालों का लगातार धन्यवाद कर रहे हैं।