गुजरात में BJP ने जानकारों को बुलाया, माइक्रो स्तर पर शुरू की विधानसभा चुनाव की तैयारी

इस साल के अंत तक गुजरात में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है। चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने तमाम राज्यों से अपने राष्ट्रीय पदाधिकारियों को गुजरात चुनाव में काम पर लगा दिया है। साथ ही भाजपा ने अपने अनुभवी चुनाव प्रबंधकों को भी गुजरात बुलाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा इन लोगों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी सौंप रही है। इस तरह भाजपा की प्लानिंग है कि माइक्रो स्तर पर चुनाव की तैयारी की जाए। भाजपा के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने गुजरात चुनाव में गुजरात के साथ-साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्य के नेताओं और जानकारों को भी कई तरह की जिम्मेदारियां सौंपी हैं। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग गुजरात और हिमाचल में चुनावी तारीखों का ऐलान कर सकता है। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि चुनाव आयोग आज सिर्फ हिमाचल में वोटिंग की डेट बता सकता है। गुजरात में चुनाव का ऐलान दिवाली के बाद हो सकता है।

क्या है भाजपा की प्लानिंग
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है वो अनुभवी चुनाव प्रबंधक हैं। उन्हें जिस जगह की जिम्मेदारी दी जाएगी वो उस जगह की जानकारियां स्थानीय नेताओं के साथ साझा करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को वडोदरा और छोटा उदयपुर जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।

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इन लोगों को मिली ये जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा को बनासकांठा सीट और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को कच्छ जिले की जिम्मेदारी दी गई है। मध्य प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों -अरविंद सिंह भदौरिया और इंद्र सिंह परमार- को क्रमशः भरूच और खेड़ा की जिम्मेदारी दी गई है। बिहार के एक भाजपा नेता नितिन नवीन को सूरत का प्रभार दिया गया है, जहां प्रवासियों की बड़ी आबादी है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने राजस्थान इकाई के अपने नेताओं से विशेष रूप से राजस्थान-गुजरात सीमा से सटे 46 विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है।

कांग्रेस की सीटों पर यूपी के मंत्री, एमपी के दिग्गज यहां करेंगे प्रचार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्रियों को कांग्रेस के नियंत्रण वाली सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। एजेंसी के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि स्वतंत्र देव सिंह को अंबासा, मांडवी, भुज, अंजर, गांधीधाम और रापड़ दिए गए हैं। राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांद बाजपेयी को जूनागढ़ क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है। बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जूनागढ़, विश्वाधार, मंगरोल, मनवदार में जीत दर्ज की थी। जबकि, भाजपा यहां केवल केशोद सीट जीत सकी थी।

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राजस्थान के मंत्रियों की भूमिका
गुजरात के उत्तर क्षेत्र में राजस्थान से आए प्रवासियों की संखअया काफी ज्यादा है। आंकड़े बताते हैं कि राज्य के 18 से 20 प्रतिशत मतदाता राजस्थान के प्रवासी हैं। ऐसे में भाजपा ने राजस्थान सरकार में मंत्री सुशील कटारा समेत कुछ नेताओं को क्षेत्र का काम सौंपा है।

राज्य मंत्रियों भी खेलेंगे दांव
राज्यमंत्री जेपीएस राठौर महिसागर जिले के बालासिनोर, लूनवाड़ा और संतरामपुर सीट पर जिम्मेदारी निभाएंगे। बीते चुनाव में भाजपा को संतरामपुर सीट पर सफलता मिली थी। जबकि, कांग्रेस ने बालसिनोर सीट जीती थी। लूनवाड़ा सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में आई थी। राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह राजकोट जिला देखेंगे।

भाजपा माधवसिंह सोलंकी के नेतृत्व में गुजरात में 149 विधानसभा सीट जीतने के कांग्रेस के रिकॉर्ड को तोड़ने और एक नया मानदंड स्थापित करने पर नजर गड़ाए हुए है। आम आदमी पार्टी (आप) भी गुजरात में इस बार अपनी किस्मत आजमाएगी। यहां भाजपा 27 वर्षों से सत्ता में है।