मानसिक तनाव से राहत हेतु कुछ चीजों को नजरअंदाज करना है बेहद जरूरी.



मानसिक तनाव आज एक समस्या के रूप में ही नहीं बल्कि एक मानसिक बीमारी के रूप में भी उभर कर सामने आ रहा है जिससे दिन प्रतिदिन हमारे सोचने समझने की क्षमता प्रभावित हो रही है और हमारी दैनिक क्रियाओं का स्वरूप बदल रहा है जिस वजह से हमारे लिए शांतिपूर्ण ढंग से जीवन जीने में कई कठिनाइयां उत्पन्न हो रही है यहां अगर इस मानसिक तनाव या बीमारी के इलाज की बात की जाए तो आपका इलाज एक विशेषज्ञ उतना  नहीं कर सकता जितना आप स्वयं अपने लिए कर सकते हैं बस केवल कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है.


आज इस लेख में हम मानसिक तनाव पर बात कर रहे है तो हम सभी के मस्तिष्क में यह प्रश्न उठना लाजमी है कि मानसिक तनाव से व्यक्ति ग्रसित कैसे होता है? तो साधारण शब्दों में इस प्रश्न का जवाब यह है कि मानसिक तनाव उत्पन्न होने के अनेक कारण है उनमें से एक प्रमुख कारण हमारी बदलती दिनचर्या है आज के इस वर्तमान दौर में खासकर हमारे युवाओं की दिनचर्या में निरंतर बदलाव आ रहा है आज के ज्यादातर युवाओं की दैनिक समय सारणी नहीं है वहीं दूसरी बात की जाए तो देर रात तक मोबाइल चलाना और सुबह लेट उठना आदत बन गई है मानसिक तनाव का यह एक प्रमुख कारण है.

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मानसिक तनाव उत्पन्न होने के अन्य कारण भी हैं जैसे, ज्यादा सोचना, किसी विशेष व्यक्ति से अपनी तुलना करना, मन में हीन भावना लाना, अपने आप को कम आंकना, पारिवारिक समस्याएं, नशे की लत, आदि.

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अब हमारे सामने प्रश्न यह हैं कि मानसिक तनाव को दूर कैसे किया जाए तो मानसिक तनाव से निजात पाने के लिए भी बहुत से उपाय हैं

जैसे. दिनचर्या की कुछ नियम सुनिश्चित करें, टाइम मैनेजमेंट,

छोटी छोटी चीजों में खुशियां ढूंढें,

किसी से अपना तुलनात्मक अध्ययन ना करें, आपको जिस मुद्दे से ज्यादा टेंशन हो उसे नजरअंदाज करें, किसी भी विषय पर जाता विचार ना करें इन सब बातों को ध्यान में रखकर हम मानसिक तनाव से मुक्त हो सकते और शांतिपूर्ण ढंग से जीवन का आनंद ले सकते हैं।


लेखक: सतीष भारतीय