एक्साइज विभाग की छापेमारी करोड़ों की अवैध शराब जब्त, माइकल के साथ माइकल का बेटा भी रिफ़्तार।

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शराब-माफ़िया रमेश माइकल के बाद अब किसका नंबर?   | Kranti Bhaskar image 1
RAMESH PATEL DAMAN

दमण। आबकारी आयुक्त डॉ. राकेश मिन्हास की अगुवाई में 22 जनवरी की देर शाम आबकारी विभाग की टीम ने पुलिस, मामलतदार और बीडीओ के साथ मिलकर भीमपोर में रमेश माइकल के गोदाम में छापेमारी की। छापेमारी दौरान टीम को स्थल से भारी मात्रा में शराब के साथ परिवहन को कब्जे में लिया।  इस दौरान 8000 बॉक्स शराब के और लगभग 27 कार और टेम्पो जप्त किए।  छापेमारी होते ही गोदाम का संचालन करने वाले व्यक्तियों ने भागने की कोशिश की लेकिन इसके बावजूद  मौके से 12 लोगों को पकड़ने में प्रशासन कामियाब रही। बताया जाता है उक्त 12 लोगो में रमेश माइकल का बेटा  हर्षल रमेश पटेल भी शामिल है। गिरफ्तार किए गए लोगों में चंद्रेश कुमार मिश्रा, विशाल पार्श्वनाथ, शंकरभाई रतवा, सुरेशभाई उत्तमभाई हलपति, गामित जीतूभाई, वैभव हलपति, अश्विन कुमार जे. पटेल, सुरेश पटेल, पीयूष पटेल, मुकेश पटेल एवं अजय दर्जी शामिल है।

बड़े ताज्जुब की बात है की एक और तो रमेश माइकल का भाई शुरेश पटेल उर्फ सूखा लंबे समय से फ़रार चल रहा है वही दूसरी और माइकल अभी भी शराब तस्करी में लिप्त है। गोदाम से करोडों रूपए की अवैध शराब के साथ कार एवं टेम्पो जप्त किए गए। शराब की कीमत के साथ 27 कार और टेम्पो मिलाकर 2.8 करोड़ रूपए का मुद्दा-माल आबकारी विभाग की टीम ने जप्त किया है। अब सवाल यह उठता है कि इतनी शराब माइकल कहा से लाया? किस कंपनी और वाइन-शॉप से खरीदी?

एक्साइज विभाग की छापेमारी करोड़ों की अवैध शराब जब्त, माइकल के साथ माइकल का बेटा भी रिफ़्तार। - दमण

वैसे इसके अलावा रात में दो अन्य गोदामों  भी छापेमारी कर वहां से  600 बॉक्स शराब और 10 वाहनों को जब्त किया गया। इन दोनों गोदामों से करीब 17 लाख रुपये की शराब और 11 वाहन जब्त किए गए। पूरे ऑपरेशन का जब्त माल लगभग साढ़े चार करोड़ रुपए है। इस कार्रवाई को आबकारी आयुक्त राकेश मिन्हास और आबकारी के उपायुक्त चार्मी पारेख, एसडीपीओ रजनीकांत अवधिया समेत की टीम ने कार्यवाही को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार प्रशासन ने 2017 में  रमेश उर्फ माइकल के लाइसेंस को रद्द कर दिया था, लेकिन उक्त मामला तो कुछ और ही बयान कर रहा है। रमेश माइकल के नाम पर शराब तस्करी के कितने मामले दर्ज है इसकी जानकारी तो प्रशासन के होगी, लेकिन रमेश माइकल के अवैध कारोबार कि वजह से दमण के कितने युवाओं ने शराब तस्करी का रास्ता अपनाया और जेल गए इसकी जानकारी प्रशासन को जुटाने कि जरूरत है। क्यो कि यदि रमेश माइकल जैसे शराब तस्कर यदि ऐसे ही शराब कि तस्करी करते रहे तो यह दमण के उन नागरिकों को गलत राह पर धकेलने का काम होगा जिनका भविष्य माइकल जैसे शराब तस्कर उजाड़ चुके है। आबकारी आयुक्त को चाहिए कि छत से मकड़ी के जाले हटाने के बजाए कुछ ऐसे इंतजामत करें कि छत पर मकड़ी बैठ ही ना पाए।