मोदी सरकार की बड़ी कार्यवाही : पहले 12 फिर 15 अधिकारी बर्खास्त।

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Modi News 2019
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नई दिल्लीं। भ्रष्टातचार और रिश्वात खोरी को रोकने के लिए मोदी सरकार कितनी प्रतिबद्ध है, इस बात का अंदाजा आपको यह खबर पढ़कर लग जाएगा। भ्रष्टा आयकर अधिकारियों को बर्खास्तो करने के बाद अब केंद्र सरकार ने मंगलवार को 15 वरिष्ठा कस्ट म और सेंट्रल एक्सारइज अधिकारियों को नौकरी से बेदखल कर दिया है। मौलिक नियमों के नियम 56(जे) के तहत सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्टि टैक्सर एंड कस्ट म (सीबीआईसी) अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्तष किया है।

वित्तर मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इन अधिकारियों में से कुछ के खिलाफ या तो सीबीआई ने भ्रष्टाबचार के मामले दर्ज किए थे या कुछ पर रिश्वूत, जबरन वसूली और आय से अधिक संपत्ति के मामले थे।
वित्तक मंत्रालय ने ट्विट कर बताया कि मौलिक नियमों के नियम 56 के खंड(जे) द्वारा प्रदत्ता शक्तियों का उपयोग करते हुए भारत के राष्ट्र पति ने भारतीय राजस्वि सेवा के 15 अधिकारियों को 50 वर्ष की आयु पूरी करने पर सार्वजनिक हित में तत्कानल सेवानिवृत्तय कर दिया है। इन सभी 15 अधिकारियों को तीन महीने तक उनके अंतिम वेतन और भत्तोंम का भुगतान किया जाएगा।

मौलिक नियमों का नियम 56(जे) सार्वजनिक हित में किसी भी सरकारी कर्मचारी को तीन महीने का नोटिस देकर सेवानिवृत्तं करने का अधिकार प्रदान करता है। नौकरी से सेवानिवृत्त किए गए अधिकारियों में कोलकाता के कमिश्नवर संसार चंद, चेन्नाई के कमिश्नेर जी श्री हर्षा, कमिश्नोर रैंक के अधिकारी अतुल दीक्षित और विनय ब्रिज सिंह, डिप्टीव कमिश्नचर अमरेष जैन, एडिशनल कमिश्नार अशोक महीदा, एडिशनल कमिश्नरर वीरेंद्र अग्रवाल, असिस्टें ट कमिश्नवर एसएस पबाना, एसएस बिष्ट , विनोद सांगा, राजू सेकर, मोहम्म द अल्तावफ और डिप्टी कमिश्न्र अशोक असवाल शामिल हैं।

पिछले हफ्ते, सरकार ने भ्रष्टाएचार, धोखाधड़ी और पेशेवर दुराचार के आरोप में 12 आयकर अधिकारियों को नौकरी से सेवानिवृत्त किया था और भ्रष्टाएचार के आरोप में 4 ज्वाुइंट कमिश्न,र रैंक के आयकर अधिकारियों को डिप्टीस कमिश्न र रैंक में डिमोट कर दिया था ओर अब 15 अधिकारियों को नौकरी से बेदखल किया है।

जहां एक ओर मोदी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर हुई इस कार्यवाही कि काफी सराहना हो रही है वही दूसरी ओर भ्रष्ट अधिकारियों को वातानुकूलित कार्यालय में बैठे होने के बाद भी पसीने छूट रहे है। पहले 12 अधिकारी बर्खास्त ओर अब 15 अधिकारी बर्खास्त, लगता है मोदी सरकार अपनी दूसरी पारी में दो-गुना कार्यवाही करने का मन बना चुकी है।

मोदी सरकार का भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए यह एक बड़ा कदम बताया जाता है, दर्जनों की संख्या में बड़े बड़े अधिकारियों को नोकरी से बेदखल कर, मोदी सरकार ने कही ना कही यही संदेश दिया है की यदि किसी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो उसकी कार्यवाही में कोई ढील नहीं बरती जाएगी।

भ्रष्टाचार के मामले में, मोदी सरकार द्वारा कि गई इस कार्यवाही को देखते हुए, अब दमण-दीव तथा दादरा नगर हवेली कि जनता, मिलिंद इंगले, डाक्टर दास, प्रशांत जोशी, बिपिन पवार, नंदु सोलंकी, गोपाल जादव ओर धर्मेश दमणिया पर भी इसी प्रकार कि कार्यवाही की अपेक्षा कर रही है। जनता कई बार उक्त अधिकारियों कि ख़राब कार्यप्रणाली, कमाउनीति ओर भ्रष्टाचार कि शिकायते कर चुकी है।

दोनों संध प्रदेशों में मिलिंद इंगले, डाक्टर दास, प्रशांत जोशी, बिपिन पवार, नंदु सोलंकी, गोपाल जादव ओर धर्मेश दमणिया जैसे कई अधिकारी है जिनहे जनता काफी समय पूर्व भ्रष्ट घोषित कर चुकी है। जनता चाहती है कि अब दमण-दीव ओर दादरा नगर हवेली प्रशासन भी भ्रष्टाचार के मामलो में सख्त कार्यवाही करें।