मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस : स्पेशल कोर्ट ने दिल्ली से गिरफ्तार सुशांत सरकार को 7 अक्टूबर तक NIA की कस्टडी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा 2021 के मुंद्रा पोर्ट ड्रग बरामदगी मामले में हाल ही में दिल्ली से गिरफ्तार किए गए एक व्यक्ति को अहमदाबाद की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। विशेष न्यायाधीश सुभद्रा बख्शी की अदालत ने सुशांत सरकार को 7 अक्टूबर तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है, हालांकि जांच एजेंसी ने 20 दिन की हिरासत मांगी थी।

पिछले साल 13 सितंबर को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से 2,988 किग्रा हेरोइन जब्त की थी। गुजरात के कच्छ जिले के मुंद्रा बंदरगाह से सितंबर 2021 में 21,000 करोड़ रुपये मूल्य की 2,988 किलोग्राम नशीली दवाओं की तस्करी के सिलसिले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है।

एनआईए की ओर से पेश हुए अमित नायर ने अदालत के समक्ष अपनी दलील में कहा कि सरकार ने नवंबर 2020 में अफगानिस्तान से पश्चिम बंगाल के एक बंदरगाह में हेरोइन-लोडेड सेमी-प्रोसेस्ड टैल्क आयात किया था और फिर इसे प्रिंस शर्मा के स्वामित्व वाली और कबीर तलवार द्वारा प्रवर्तित एक फर्म को भेज दिया था, दोनों को पहले एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया था।

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नायर ने कहा कि वॉन्टेड अफगान नागरिक नजीबुल्लाह खालिद ने इस मामले में एक अहम भूमिका निभाई, नशे की खेप को दिल्ली के एक गोदाम में रखा गया था और उसमें से एक नमूना हेरोइन पाया गया था। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 13 सितंबर 2021 को मुंद्रा पोर्ट से 2988.21 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। सेमी-प्रोसेस्ड टैल्क के रूप में छुपाई गई खेप को ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट के माध्यम से अफगानिस्तान के कंधार से निर्यात किया गया था।

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मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई। जांच में पाया गया कि इसी तरह की खेप जून 2021 में मुंद्रा पोर्ट के माध्यम से एक ही सप्लायर और रिसीवर को शामिल करके भेज दी गई थी। दोनों अपराध आपस में जुड़े हुए हैं और इनकी एक साथ जांच की जा रही है। एनआईए ने हाल ही में 11 अफगान नागरिकों और एक ईरानी नागरिक सहित 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, जिनमें से छह को वॉन्टेड के रूप में दिखाया गया है। उन पर आईपीसी, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए हैं।