पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में घोटाला, स्टोर से नया सामान बेचा, पुराना लगाया

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में पश्चिमांचल विद्युत निगम में दो ठेकेदार स्टोर से नया सामान उठाते रहे और मौके पर पुराना सामान लगाते रहे। इतना ही नहीं टेंडर लेने के दौरान जो हैसियत और चरित्र प्रमाणपत्र लगाए, वह भी जांच में फर्जी निकले हैं। अधिशासी अभियंता द्वितीय के खुलासे के बाद निगम के प्रबंधन निदेशक ने घोटाले की जांच शुरू करा दी है।

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दो ठेकेदारों ने जुलाई माह में बिजरौल रोड स्थित अधिशासी अभियंता द्वितीय राजेश कुमार के कार्यालय पर भुगतान के लिए बिल सौंपे और जल्द भुगतान के लिए दबाव बनाया। अधिशासी अभियंता ने ठेकेदारों से टेंडर प्रक्रिया में दाखिल किए गए दस्तावेजों को लाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने दस्तावेज नहीं दिखाए। इसके बाद बैंकों से जारी हैसियत प्रमाणपत्र की जानकारी मांगी, तो बैंकों ने हैसियत प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार किया। चरित्र प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज भी जांच में फर्जी पाए गए।

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