लोकसभा में पास हुआ दोनों संघ प्रदेशों के विलय का बिल, दोनों सांसदों ने कई मुद्दो पर कि बात।

दमण। बुधवार को दानह और दमण दीव के विलय का बिल लोकसभा में पारित हो गया। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा जहां पास होने बाद इस प्रदेश का नाम दादरा नगर हवेली एवं दमण दीव हो जाएगा और दो की जगह एक ही संघ प्रदेश होगा। इस बिल के समर्थन में दमण दीव और दानह के सांसदों ने बोला।

वहीं इस बिल पर बोलते हुए लालू पटेल ने कहा कि दोनों प्रदेशों के एक होने से रुपए की बचत होगी। उन्होंने मांग अनुरोध किया कि ग्रुप बी और ग्रुप सी के कर्मचारियों को उनके ही संघ प्रदेश में रहने दिया जाए, मतलब कि उनका तबादला ना हो। इस प्रदेश के हंगामी कर्मचारीयो को नियमित करने, प्रदेश के शिक्षित युवकों को इसी प्रदेश में नौकरी देने की मांग भी उठाई। उन्होंने दोनों जगहों पर संसदीय सीट बरकरार रखने के लिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के प्रति धन्यवाद भी दिया।

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उन्होने कहा कि दोनो प्रदेशो में दो सांसदो का प्रावधान किया है उसके लिए सरकार को और प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को ध्यवाद किया। सांसद लालूभाई पटेल ने दमण में सरपंचों के अधिकार बहाल करने, एफएसआई और मिनी असेम्बली की मांग भी रखी। वही लालूभाई पटेल ने सरपंच के अधिकार, पंचायत और नगर निगम क्षेत्र में एक जैसी एफ-एस-आए तथा सी-आर-जैसे मुद्दे पर भी आवाज उठाई।

इस बिल के समर्थन में संसद में बोलते हुए दादरा नगर हवेली के सांसद मोहनभाई डेलकर ने कहा कि दोनों प्रदेशों के हित में लाए गए इस बिल का समर्थन करते हैं। उन्होने कहा कि वह गृहमंत्री का भी धन्यवाद करना चाहाते है जिन्होंने दोनो प्रदेशो के लोगो को एक छत के निचे लाकर एक बना दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मुक्ति के बाद से भारत सरकार ने आदिवासियो को आरक्षण देने का काम किया था। लोकसभा की सीट भी आरक्षित सीट है। उन्होंने कहा कि दोनो प्रदेशो की मांग पांडिचेरी की तर्ज पर विधानसभा के गठन की है। वर्ष 2014 में  गृहमंत्राल की स्टेडिग कमेटी बनी थी और प्रदेश का दौरा किया था। जिसने बाद में राज्यसभा में मिनी असेम्बली की बात कही थी। कुल मिलकर यह कह सकते है कि दोनों प्रदेशों के सांसद, अलग अलग अन्य मांगों के साथ बिल के पक्ष में रहे।