विश्व बैंक ने गुजरात को दिया 2,832 करोड़ का लोन; कहा- मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी समस्या

विश्व बैंक ने गुजरात को 35 करोड़ डॉलर ऋण दी है। इनकी कीमत 2,832 करोड़ रुपए के आसपास हुई। विश्व बैंक ने यह राशि गुजरात को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने के लिए दी है। इनसे विशेष रूप से किशोर लड़कियों के रोगों की इलाज की जाएगी। विश्व बैंक के एक्जीक्यूटिव बोर्ड के डायरेक्टर ने इस लोन को मंजूरी दी है। गुजरात को यह लोन विश्व बैंक की शाखा इंटरनेशनल बैंक ऑफ रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (IBRD) से आएगी। विश्व बैंक ने बताया कि इस लोन का इस्तेमाल अधिक से अधिक लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को किया जाएगा मजबूत
गुजरात वर्तमान में अपने नागरिकों को सात स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है, जिनमें प्रजनन, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य, संचारी और गैर-संचारी रोग शामिल हैं। विश्व बैंक के वित्त पोषण से राज्य को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल करने और राज्य में गैर-संचारी सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

ये भी पढ़ें-  इनकम टैक्स के निशाने पर 2 करोड़ से अधिक लोग, 30 जून तक कार्रवाई के निर्देश

राज्य में 69% किशोर 69 लड़कियां एनीमिया से पीड़ित
विश्व बैंक के इस योगदान से राज्य को मानसिक स्वास्थ्य और उपशामक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में विस्तार करने में मदद मिलेगी। सरकार राज्य में गैर-संचारी सेवाओं को मजबूत करने का भी प्रयास करेगी। एक तरफ जहां प्रजनन, मातृ, नवजात, बच्चे और किशोर स्वास्थ्य सहित कई स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कर राज्य सरकार ने बहुत सारी उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन अब भी यहां 69% किशोर लड़कियां और 36% किशोर लड़के एनीमिया से पीड़ित हैं। इसके अलावा, राज्य की लगभग 10% ग्रामीण और 5% शहरी आबादी मानसिक स्वास्थ्य से पीड़ित है।

ये भी पढ़ें-  इन कंपनियों के परिणाम आज आ रहे हैं

14 राज्यों को दी जाएगी प्राथमिकता
विश्व बैंक ने बताया कि गुजरात में कुल 10 % ग्रामीण और 5 % शहरी लोगों को मानसिक स्वास्थ्य की समस्या है। विश्व बैंक ने बताया कि इस लोन का इस्तेमाल प्राथमिकता के स्तर पर कुल 14 राज्यों में किया जाएगा। इन 14 राज्यों में 70 प्रतिशत से अधिक किशोरियां एनीमिक हैं।