दमन को हफ्ता-मुक्त प्रदेश बनाने की उम्मीद….

दमन में हो रही हफ्ता-वसूली पर बड़ा खुलासा… इस खबर की शेष खबर।

भीमपोर के आप-पास के क्षेत्र में सुरेश पटेल उर्फ सूखा, दाबेल के आस-पास के क्षेत्र में केतन पटेल तथा जिग्नेश पटेल उर्फ जिगगु, कच्चीगांव के आस-पास के क्षेत्र में तनोज पटेल। इन नामों के अलावे अजय घोडा, गुलाब, राय, रमेश, राजू पटेल, बारीक जैसे कई दर्जनों ऐसे नाम भी लिए जा रहे है जो इनके इशारे पर, इनके अपने अपने इलाको में इनके लिए, उधोगों तथा ठेकेदारो के साथ साथ अन्य व्यापारियों से वसूली करते है।

आलम यह है की आज इकाई प्रबंधन इतना लाचार और बे-बस दिखाई दे रहा है की वह खुल-कर इनके बारे में बोल भी नहीं सकता, इससे अधिक लाचारी क्या होगी की इकाई अपनी स्वेच्छा से अपनी इकाई का कचड़ा-भंगार भी नहीं बेच सकती।

इकाइयों से मंगवाएँ ठेकेदारो की लिस्ट, ठेकदारों से करें पूछताछ, सब सच बाहर आ जाएगा।

वैसे अगर इस मामले में प्रशासन को और सबूत चाहिए तो इकाइयों से सीधे संपर्क साध-कर प्रशासन उन तमाम ठेकेदारो की लिस्ट इकाई से हांसील करें और इकाई से पूछे की उक्त इकाई में भंगार तथा लेबर एवं इकाई के संचालन हेतु अन्य जारी ठेके किसके आदेश पर तथा किस भाई की धम्की पर जारी किए एवं ठेकदार को दिए गए। इसके बाद इकाइयों से प्राप्त उक्त लिस्ट अनुसार उन तमाम ठेकेदारो से भी पूछे की वह उक्त इकाई में ठेका चलाने के लिए किस भाई को तथा किस भाई के किस आदमी को कितना हफ्ता देते है।

वैसे क्रांति भास्कर की टीम अभी भी इसी मामले की खोज-बीन जारी रखे हुए है, यदि क्रांति भास्कर के पास अन्य नामों की जानकारी आई तो क्रांति भास्कर उन्हे भी जनता तथा प्रशासन के सामने रखेगी।  

प्रतिमाह करोड़ो की वसूली…

संध प्रदेश दमन में इकाइयों तथा इकाइयों के संचालन हेतु ठेका चला रहे ठेकेदारो द्वारा प्रतिमाह जो रकम वसूली जाती है वह रकम कितनी है और उसका वास्तम क्या आंकड़ा है यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा, लेकिन अब तक उधोगों तथा ठेकदारों से जो जानकारियाँ हमे मिली है उसे देखकर लगता है की प्रतिमाह केवल वसूली का आंकड़ा करोड़ो के बाहर है।

दमन को हफ्ता-मुक्त प्रदेश बनाने की उम्मीद….

इस वक्त दमन-दीव प्रशासन से, उधोगों, ठेकदारों तथा दमन की जनता को प्रशासन से यही उम्मीद है की दमन प्रशासन उन तमाम हफ्ताखोरों पर, ठोस कार्यवाही कर दमन को हफ्ता मुक्त प्रदेश बनाकर दमन के विकास में चार-चाँद लगाने का काम करेगी। अब जब दमन की जनता ने प्रशासन से अपनी उम्मीद जाहीर की है तो यह भी वाजिब है की दमन प्रशासन को जनता का पूरा सहयोग मिले। इस लिए जनता की इस उम्मीद के साथ यह भी आवश्यक है की दमन के उधोग, ठेकदार तथा दमन की तमाम जनता प्रशासन का इस मामले में भर-पुर साथ तथा सहयोग दे जिसके चलते दमन पूर्ण रूप से हफ्ता मुक्त प्रदेश बन सके। शेष फिर।  

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