जीएसटी विभाग ने करोड़ों कि टैक्स चोरी का किया पर्दाफास।

वापी। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस ने अंकलेश्वरपारडी और वापी इंडस्ट्रियल एस्टेट में तीन अलग-अलग फर्म पर छापा मार कर बड़ी रकम की टैक्स चोरी का पर्दाफाश किया।
सूत्रों के अनुसार अंकलेश्वर में हेरेक इंजीनियरिंग पर सर्च की कार्रवाई में खुलासा हुआ कि वर्कर्स कॉन्ट्रेक्ट का काम करने वाली यह कंपनी अपने ग्राहकों से जीएसटी वसूला जाता थालेकिन अप्रेल 2019 के बाद कंपनी ने रिटर्न फाइल करना छोड़ दिया। बताया जाता है कि जांच के दौरान 8.92 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी पकड़ी गई। इसी तरह पारडी में भी लेबर सप्लाई करने वाली ध्रुवपति देवी मोतीलाल शर्मा नाम की कंपनी में जांच की गई। खुलासा हुआ कि इस कंपनी ने 55 लाख रुपए का जीएसटी नहीं चुकाया था। जीएसटी चोरी में वापी की तनु मोटर्स पर भी सर्च किया गया सर्च के दौरान कई महीनों के दस्तावेजों की जांच की गई जिसके बाद 90 लाख रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ। इन कंपनियों कि टैक्स चोरी सामने आने से यह तो साफ दिखाई देता है कि जीएसटी के बाद भी टैक्स चोरी का दौर जारी है। टैक्स चोरी करने वाले को जीएसटी और ऑनलाइन भी सीधी राह पर नहीं ला पाया। वैसे इस टैक्स चोरी के सामने आने के बाद सवाल यह भी है कि ऐसी और कितनी कंपनियाँ है जो सरकार कि आँखों में धूल झोंक कर टैक्स चोरी कर रही है? यह सवाल इस लिए क्यो कि वापी, दमण तथा दानह के आस पास के क्षेत्रों में हजारों कि तादात में छोटे और बड़े उद्धोग है लेकिन उक्त उधोगों के सामने अधिकारियों कि संख्या काफी कम है ऐसे में सभी उधोगों पर नज़र रखने के लिए सरकार को चाहिए कि वह टैक्स चोरी रोकने के लिए ऐसे उपाय करें जिससे पूरी तरह टैक्स चोरी पर अंकुश लग सके।