सतर्कता और भ्रष्टाचार-निरोध पर कल PM मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, 2018 में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर PM कार्यालय से मिला था यह जवाब!

27 अक्टूबर को शाम 4:45 बजे प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘सतर्क भारत, समृद्ध भारत’ विषय पर सतर्कता और भ्रष्टाचार-निरोध पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करता है, जो 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक हर साल भारत में मनाया जाता है।

ज्ञात हो काफी समय पहले प्रधान मंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा दिया था, लेकिन आज भी प्रतिदिन किसी ना किसी शहर में भ्रष्टाचार करते हुए रोज कोई ना कोई अधिकारी रंगे हाथ पकड़ा जाता है। यह केसी विडम्बना की बात है डिजिटल इण्डिया और आधुनिक भारत में आजादी के इतने वर्ष पूर्व भी अब तक कोई सरकार भ्रष्टाचार पर काबू नहीं पा सकी है। मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा तो दिया लेकिन इसके बाद भी भ्रष्टाचार ज्यो का त्यो देखने को मिला। खेर अब 27 अक्टूम्बर को होने वाली विडियों कॉन्फ्रेंसिंग में क्या नया देखने को मिलता है यह देखना काफी दिलचस्प होगा।

भ्रष्टाचार, घोटाले और जांच के मामलो में, प्रधान मंत्री कार्यालय का अजीबों-गरीब जवाब!

वैसे वर्ष 2018 में सूचना के अधिकार के तहत प्रधान मंत्री कार्यालय से भ्रष्टाचार के विषय में कुछ जांकारियाँ मांगी गई थी। दिनांक : 07-08-2018 को सूचना के अधिकार के तहत प्रधान मंत्री कार्यालय से जानकारी मांगी गई की 2014 से 2018 तक, अनियमितता तथा घोटालो के विषय में, प्रधान मंत्री कार्यालय तथा प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को कुल कितनी शिकायते मिली, कुल कितने मामलो में भ्रष्टाचार तथा घोटालो की जांच हेतु पत्र अग्रेषित किए गए, कितने मामलो में भ्रष्टाचार तथा घोटालो की जांच हेतु शिफारिश की गई, कितने मामलो में भ्रष्टाचार तथा घोटालो की जांच कारवाई गई तथा प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रधान मंत्री कार्यालओ को, सीबीआई जांच करवाने हेतु कुल कितने मामलो में शिकायते प्राप्त हुई? सच पूछे तो भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए सबसे अवश्यक्त है की पहले देश में हो रहे भ्रष्टाचार के स्पष्ट आंकड़े जमा किए जाए तभी भ्रष्टाचार मुक्त भारत संभव है।

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दिनांक : 29-08-2018 को उक्त सभी मामलो और सवालों का जवाब यह मिला की, प्रधान मंत्री कार्यालय के जनता प्रभाग के कंप्यूटीकृत रिकार्ड में दर्ज़ पत्रों का विवरण निकालने के लिए, भेजने वाले का नाम, पता तथा दिनांक देना आवश्यक है, इसके अभाव में सूचना निकालना संभव नहीं है, क्योकि रिकॉर्ड व्यक्तिमूलक है ना की विषयमूलक। साफ़ साफ़ शब्दों में कहा जाए तो प्रधान मंत्री कार्यालय का यह कहना है की उनके कार्यालय में, यह जानकारी ही नहीं है की भ्रष्टाचार के मामले में जनता द्वारा कुल कितनी शिकायते आई, कितनी शिकायतों पर कार्यवाही हुई और कितनी शिकायतों पर कार्यवाही बाकी है, प्रधान मंत्री कार्यालय का कहना है की उनके कार्यालय में, विषय के हिसाब से शिकायतों और पत्रों का ब्योरा नहीं रखा जाता। क्या आपको नहीं लगता की इस जवाब ने कई सवालो को जन्म दे दिया है।

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वैसे जानकारों की माने तो भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के सबसे पहले उन शिकायतकर्ताओं को संरक्षण उपलब्ध कराने का वादा करना होगा जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहे है तथा नई पीढ़ी को भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए प्रेरित करने के लिए भ्रष्टाचार की जानकारी देने वाले को इनामी रकम देने पर भी भ्रष्टाचार मुक्त भारत मुहिम को बल मिल सकता है। इसके अलावे शिकायत एवं शिकायत पर कार्यवाही की प्रक्रिया को भी सरल करने की जरूरत है।