समय रहते दानह को तनाव ओर बरबादी से बचाने की जरुरत है।

हाल मे दानह मे गौ तस्करी के प्रयासो की एक के बाद एक घटनाए सामने  रही है।  ऐसी घटनाओ को प्रशासन ओर जनप्रतिनिधियों के साथ खासकर दानह पूलिस विभाग को पूणॅ गंभीरता से लेना होगा ओर बिना देरी किये इस तरह की अपराधिक घटनाओ को रोकने के लिए हर पूख्ता कदम उठा लेने होंगे।
देश के कई राज्य एवं विस्तार वतॅमान मे इसतरह की घटनाओ के कारण दंगों ओर हिंसा की चपेट मे आ चुके है ओर अभी भी धमॅ-जाति भेदभाव को लेकर काफी तनाव मे है।
दानह हंमेशा से बेहद शांतिपूणॅ रहा है , यहा हिंदु-मुसलमान-ख्रिस्ती से लेकर सभी जाति ओर वगॅ के लोग ऐक दुसरे के साथ प्यार-मोहब्बत ओर एकदुसरे के प्रति सन्मान के साथ जीते आये है ओर यही हकीकत ओर सोहादॅ ही दानह संघप्रदेश के उज्वल भविष्य के लिए सब से बडी जमा पूंजी है।
इन परिस्थितियों मे इसतरह की घटनाए एक चिंगारी समान होती है जिस पर समय रहते काबू नही पा लिया गया तो फीर ये बडे से बडी आग मे बदल जाती है ओर फीर उस पर काबू पाना बेहद ही मुश्किल हो जाता है तो कभी नामुमकिन ही हो जाता है । फीर हर तरफ तनाव ओर  बरबादी ही बरबादी नजर आती है।
वैसे भी पीछले कुछ सालो से जैसे दानह प्रदेश मे भी धार्मिक विचारधाराओ के बीच भेद-भाव ओर अंदुरनी तनाव को धीरे-धीरे मेहसूस किया जा रहा है। सिलवासा ओर उसके आसपास की रेसीडेंस सोसायटीओ से लेकर व्यापारीक प्रवृतिओ ओर धार्मिक त्योहारो के समय भी इसका अहसास होने लगा है जो शांति ओर उन्नतिभरे भविष्य के सुनहरे सपनो के लिए बहोत ही खतरनाक हो सकता है।