भ्रष्टाचार के आरोपों में घीरे अधिकारियों के कंधो पर अब न्यू दमन, न्यू इंडिया का अतिरिक्त भार

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कई उत्सवो के बाद अब न्यू इंडिया, न्यू भारत के नाम से नानी दमन के स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में प्रशासन द्वारा एक विशेष कार्यक्रम किया गया, कार्यक्रम की स्वागत कड़ी एवं औपचारिक शुरुआत के बाद प्रशासक के सलाहकार एस.एस.यादव ने दमन एवं दीव के चहुंमुखी विकास की एक संक्षिप्त रुपरेखा तो प्रस्तुत कर दी लेकिन उस विकास में होने वाले भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लगेगा इसकी जानकारी से जनता अनभिज्ञ रह गई, यह बात इस लिए कही जा रही है क्यो की दमन में ऐसे कई अधिकारी है जो पूर्व में भ्राष्टाचार के मामलों में या तो निलबित रह चुके है या भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी रह चुके है, अब ऐसे अधिकारियों के हाथों में न्यू दमन और न्यू इंडिया की बागदौड़ ठीक वैसे ही दिखाई पड़ती है जैसे की कंप्यूटर द्वारा न्यू दमन, न्यू इंडिया की बनाई गई तस्वीरें!

इस दौरान दमण-दीव सांसद लालुभाई पटेल ने, प्रशासक प्रफुल पटेल तथा सभी प्रशासनिक अधिकारियों को ‘नया दमन, नया भारत, अभियान और कार्यक्रम की रचना के तहत बधाई भी और आभार भी व्यक्त किया, यह और बात है की न्यू दमन, न्यू इंडिया के बनावटी ढांचे के किसी भी पोस्टर बेनर में सांसद की तस्वीर तक नहीं देखी गई!

इस अवसर पर प्रशासक ने दमन के सुंदर भविष्य की रुपरेखा सार्वजनिक करते हुए कई महत्वपूर्ण एवं महत्वकांक्षी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी, नये दमण की 19 तथा दीव की 11 इस तरह कुल 30 महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि इन योजनाओं में से अधिकांश को आगामी एक वर्ष के भीतर क्रियान्वित किया जाएगा और इससे दमन के विकास का एक नया आयाम तैयार होगा, लेकिन प्रशासक महोदय भी इन योजनाओ का जिक्र करते हुए यह बताना भूल गए की यदि इन योजनाओं में जनता ने आर-टी-आई के दम पर भ्रष्टाचार पकड़ा तो प्रशासन कैसे और किस कछुआ-चाल में कार्यवाही करेगी, यह भी बताना भूल गए की योजनाओं के लिए जनता को सरकारी कार्यालयों के कितने चक्कर लगाने पड़ेंगे और अधिकारियों की कितनी जी-हजूरी करनी पड़ेगी, क्यो की जब आज ही समय पर अधिकारी अपने कार्यालय में जनता को कई चक्कर काटने के बाद मिलते है या धन्टों इंतजार करवाने के बाद मिलते है तो फिर जब यह योजनाएँ लागू होगी तब अधिकारियों की कमी में जनता का हाल क्या होगा इसकी तो सिर्फ परिकल्पना ही की जा सकती है।

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इस प्रोग्राम में प्रशासक ने बताया कि, न्यू इंडिया तथा न्यू भारत के तहत, जहां एक और पर्यटन की असीम संभावनाएं विकसित होंगी वहीं दूसरी ओर रोजगार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध होंगे, अब जब बात रोजगार की आ ही गई है तो बात है पहली तो यह की जब दमन-दीव प्रशासन में सेकड़ों पद खाली पड़े है और जनता के लिए रोजगार के अवसर खुले पड़े है तो फिर क्यो बार बार प्रशासन उन पदो पर नए योवकों को रोजगार देने के बाजाए नई नई योजनाओं की बात करती है क्या प्रशासन यही चाहती है की जनता प्रशासन की योजनाओं की आदि होकर प्रशासन की महोताज ही बनी रही और जब बात रोजगार की है ही तो प्रशासक महोदय, जरा इतना भी पता लगा ले की दमन की इकाइयों में काम करने वाले कितने कर्मचारियों का पी-एफ दमन के ठेकेदार हजम कर जाते है तो इससे भी कई योवाओं का भला हो जाएगा और इस तरह के भले के लिए आपको किसी प्रकार की योजना नहीं बनानी पड़ेगी विभागीय अधिकारियों को इसी बात की तंख्वाह मिलती है उनसे यह काम जनता की भलाई के लिए करवा लीजिए!

दमन में कैसे भाईगीरी, माफियाफिरी और हफ्ता-वसूली पर अंकुश लगाया जाए इस के लिए प्रशासन कब योजना बनाएगी?

फिर प्रशासक ने बताया कि, इन योजनाओं के अंतर्गत मोटी दमन फोर्ट के भीतरी एवं बाहरी सौंदर्यीकरण, शिक्षा हेतु आधारभूत सुविधाओं का विकास, अक्षय पात्र संस्था के जरिए गुणवत्तापूर्ण एवं स्वास्थ्यकर भोजन की आपूर्ति, सड़कों का विकास एवं चौड़ीकरण, दमन-दीव की जल एवं वायु कनेक्टिविटी की बेहतर सुविधा, युवाओं को रोजगार की सुविधा, महिला पुलिस स्टेशन, गैस पाईपलाइन सुविधा, वाईफाई सुविधा, नंदघरों का विकास, दमणगंगा पर ओवरब्रिज, सड़क, पेयजल, पार्किंग आदि सुविधाओं सहित समुद्री तटों का आधुनिक विकास, दुबई मार्केट का आधुनिकीकरण, टेक्सी स्टैंड पर मल्टिपल पार्किंग सुविधा आदि शामिल है।

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इस अवसर पर प्रशासक ने कहा कि उक्त सारी परियोजनाएं दमन के युवाओं एवं भावी पीढिय़ों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी. उन्होंने यह विश्वास दिलाया कि इन सारी परियोजनाओं का क्रियान्वयन गुणवत्तापूर्ण एवं पूर्णत: पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, साथ ही उन्होंने नागरिकों को कहा कि विकास के कार्य में त्याग की भी आवश्यकता होती है, अत: विकास कार्यों के दौरान छोटी-मोटी असुविधाओं का सकारात्मक तरीके से लेते हुए सभी नागरिक प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करें ताकि दमन-दीव के विकास को त्वरित गति से पूरा किया जा सके।

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इसके उपरांत दमन की संपूर्ण भावी परियोजनाओं को प्रेजेंटेशन के माध्यम से आकर्षक तरीके से लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया. इस अवसर पर प्रशासक ने विद्यालय विकास हेतु उद्योगपतियों एवं फोर्ट के विकास हेतु राजूभाई का हार्दिक आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर प्रशासक के साथ-साथ दमन एवं दीव के सांसद, प्रशासक के सलाहकार, जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधिगण, मीडियाकर्मी एवं संघ प्रशासन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी तथा दमन के आम नागरिक भी भारी संख्या में मौजूद रहें।

संध प्रदेश दमन-दीव में यह पहली बार हुआ है की जब प्रशासन ने जनता को आने वाले समय में होने वाले विकास की तस्वीर कंप्यूटर द्वारा किए गए कमाल के तहत अपने अंदाज में दिखाई है, फिर चाहे वह ग्राफिक्स का कमाल ही क्यो ना हो, वास्तव में जब इसी न्यू दमन न्यू इंडिया की तस्वीर हकीकत में बदलेगी तभी यह पता चल पाएगा की कितना विकास हुआ और और कितना बंदरबांट।

वैसे आपको यह जानकार शायद कोई हेरानी नहीं होगी कि इस न्यू इंडिया न्यू भारत के प्रोग्राम में भी कई गड़बड़िया हुई और बंदरबांट हुआ, लेकिन जनता जानती है की इसकी जांच भी वैसे ही नहीं होगी जैसे अब तक मिलिंद इंगले, डाक्टर दास, पंकज पटेल और बिपिन पवार की नहीं हुई, लेकिन इस वक्त पूर्व मे हुई तथा हाल ही में हो रही गड़बड़ियों पर से पर्दा उठाने से अच्छा है की हम जनता के हितों में दो सवाल और कर ले, क्यो की पिछले काफी लम्बे समय से कई पत्रकारो ने ना जाने किस भय के कारण प्रशासन की गड़बड़ियों और घोटालो के बारे में प्रशासन से सवाल करने ही बंद कर दिए, लेकिन क्रांति भास्कर भय का मतलब नहीं समझती, हमे पता ही नहीं भय किस चिड़िया का नाम है, सवाल करना हमारा काम है, उसमे हमे कोई योजना बनाने की आवश्यकता भी नहीं, भले ही प्राशासन क्रांति भास्कर के सवालों से किनारा करती रहे, भले ही जांच ना करे, भले ही हाथ पर हाथ धरे बैठी रहे, इसी पर किसी ने ठीक कहां है कि वो जागे ना जागे, यह उसके मुकद्दर की बात है, मेरा तो फर्ज ही है आवाज लगाते रहना।