कोरोना संकट में भी DNH-DD के गरीब श्रमिकों के शोषण कि शिकायतें।

विशेष। जब कभी संकट का समय आता है तो उस संकट का सबसे पहला शिकार गरीब ही बनता है। क्यो कि गरीब के पास ना अपना घर होता है, ना अपना कारोबार, ना ही कोई जमापुंजी। पूरी तरह अपने मालिक पर निर्भर रहने वाला जो गरीब अपने खून-पसीने से अपने मालिक को मालिक कहलवाने का हक देता है वही मालिक यदि संकट के समय उस गरीब से मुह मोडले तो उस गरीब के पास एक ही रास्ता बचता है और वह यह कि वह जहां से आया पुनः वही लौट जाए।

इस वक्त देश में कोरोना का कहर मचा है ओर गरीब संकट का सामना कर रहा है। उसे उम्मीद है कि भले-ही इस संकट कि घड़ी में उसके मालिक ने उससे मुह मोड़ लिया है लेकिन उसका गाँव उससे मुह नहीं मोड़ेगा, शायद यही सोच कर वह गरीब अब शहर से गाँव कि ओर हजारों किलोमीटर का सफ़र पैदल करने के निकल पड़ा है। रास्ता लंबा है लेकिन टिकट खरीदने के पैसे नहीं है, पाँव में चाले पड़ गए है लेकिन फिर भी चला जा रहा है। कड़कती धूप, गौद में मासूम बच्चे जिनहे ना जाने कब तक दूध कि जगह पानी पीकर जिंदा रहना होगा ताकि वह अपने उस गाँव कि चौखट तक पहुँच सके जिसके गरीबों ने शहर के अमीरों को शायद इतनी ताकत देदी कि वह यह सोच बैठे कि कफ़न में भी पाकेट होते है। यदि ऐसा नहीं होता तो गरीबों को शायद गरीबों को भूखे-प्यासे हजारों किलोमीटर का सफ़र यू पैदल तय ना करना होता। खेर जो चले गए वो तो चले गए, लेकिन इस वक्त जो गरीब मजदूर अपने मालिकों कि इकाइयों को अपने खून-पसीने से सिच रहे है क्या उन्हे समय पर वेतन मिल रहा है? यह सवाल इस लिए क्यो कि वलसाड, वापी, उमरगांव, सरिगांव, दमण तथा दादरा नगर हवेली में कई ऐसी इकाइयां है जिनके नाम कई बार गरीब श्रमिकों के शोषण के मामलों में सामने आते रहे है। वलसाड, वापी, उमरगांव, सरिगांव, दमण तथा दादरा नगर हवेली में ऐसे कई ठेकदार है जिन पर पूर्व में गरीब श्रमिकों का शोषण करने के आरोप लगते रहे है। ऐसे में इस कोरोना संकट कि घड़ी में क्या प्रशासन ऐसी इकाइयों और ठेकेदारों पर नज़र रख रही है? यह सवाल इस लिए भी महत्वपूर्ण है क्यो कि पिछले कुछ दिनों में श्रमिकों कि यह शिकायत रही है कि उन्हे वेतन नहीं मिल रहा है। वलसाड, वापी, उमरगांव, सरिगांव, दमण तथा दादरा नगर हवेली के कुछ लोग सोशल मीडिया में श्रमिकों को वेतन ना मिलने कि जानकारी शेयर कर रहे है।

दादरा नगर हवेली के आरिफ़ शेख फेसबुक पर लिखते है कि सुरंगी में स्थित डीएनएच स्पिनर्स गरीब मजदूरों को वेतन नहीं दे रही है, ना इकाई से बाहर निकलने दे रहे है। वही दादरा नगर हवेली के ही राजेश हलपति ने फेसबुक पर लिखा है कि भिलोसा कंपनी के कई मजदूरों को वेतन नहीं मिल रहा है। राजेश हलपति ने अपनी एक और पोस्ट में यह भी लिखा है कि एक गरीब मजदूर कि सेलेरी में से ठेकेदार 5000 हजार का कमिसन खा जाता है, अब यह शोषण नहीं है तो क्या है? वापी के देव आनंद ने एक पोस्ट में लिखा है कि दानह के सांसद मोहन डेलकर से गरीब मजदूरों को बहुत उम्मीदे थी, लेकिन अब तक मोहन डेलकर ने भी गरीब मजदूरों के लिए कुछ नहीं किया।

वैसे तो वलसाड, वापी, उमरगांव, सरिगांव, दमण तथा दादरा नगर हवेली गरीब श्रमिकों का शोषण कोई नहीं बात नहीं है, गरीब श्रमिकों के शोषण को लेकर समय समय पर कई मामले सामने आते रहे है, कई बार वलसाड, वापी, उमरगांव, सरिगांव, दमण तथा दादरा नगर हवेली के श्रम विभाग के अधिकारियों कि कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते रहे है और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते रहे है। लेकिन इस संकट कि घड़ी में भी यदि गरीब मजदूरों का शोषण जारी रहा तो यह मानवता को शर्मशार करने जैसा होगा।

कोरोना संकट में भी DNH-DD के गरीब श्रमिकों के शोषण कि शिकायतें। - सिलवासा समाचारकोरोना संकट में भी DNH-DD के गरीब श्रमिकों के शोषण कि शिकायतें। - सिलवासा समाचारकोरोना संकट में भी DNH-DD के गरीब श्रमिकों के शोषण कि शिकायतें। - सिलवासा समाचारवलसाड, वापी, उमरगांव, सरिगांव, दमण तथा दादरा नगर हवेली कि प्रशासन के वरीय अधिकारियों को चाहिए कि वह अपने अपने क्षेत्र के श्रम विभाग से उन इकाइयों और ठेकदारों कि सूची मँगवाए जिनके खिलाफ पूर्व में गरीब श्रमिकों के शोषण के मामले सामने आए हुए है और उन इकाइयों तथा ठेकदारों पर कड़ी नज़र रखे जिन पर श्रम विभाग के अधिकारियों को शंका है तथा जिनके खिलाफ पूर्व में शिकायते प्राप्त है। इतना ही नहीं किस इकाई में कितने श्रमिक है? कितने ठेकदार है? कंपनी कितने श्रमिकों के बेंक में वेतन ट्रांसफर करती है और कितने श्रमिकों का वेतन ठेकेदार इकाई से नगद लेते है? इस सब सवालों कि जानकारी श्रम विभाग के अधिकारियों के पास होनी चाहिए, जिससे श्रमिकों के शोषण पर अंकुश लग सके।

2 COMMENTS

  1. Respected sir/mam,
    I self Rinkesh dubey professionally i am an civil.Sir the company name PRINCE SWR SYSTEMS PVT LTD located in sayli, Silvasa has not paid salaries from January month till date also company has given termination letter to many poor workers and staffs in lockdown period.sir around 200 to 300 workers are there.sir due to lockdown many poor workers are suffering but company has not showed humanity…sir many poor workers went to silvasa labour court but Mr Jackson govt employe is not taking complaint against company.so sir its request to take proper action against company.sir i have attached some of poor workers videos that will show how they are spending their life.Also i have attached termination letter which has been given by company..

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here