एक ओर कोरोना का कहर तो दूसरी और पुलिस का डंडा, दादरा में गरीबों को बांट रहे थे राशन, पुलिस ने वाहन सहित जमा कर लिया किट

सिलवासा। कोरोना वायरस की महामारी और इससे बचने के लिए घोषित किए गए लॉकडाउन के दौरान देशभर के व्यापार-व्यवसाय ठप हो गए है। ऐसे में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए घर-चलाना दुभर हो गया है। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी भी कई बार अपील कर चुके है कि इस संकट की घड़ी में जरूरतमंद लोगों की हरसंभव मदद करते रहे। जिसके तहत दादरा में पांच दिन पहले एक शख्स जरूरतमंद लोगों के लिए सुखा राशन का किट बनाकर घर-घर बांट रहा था। लेकिन दादरा पुलिस ने राशन बांटने पर रोक लगाते हुए राशन किट सहित उनकी स्कॉर्पियो कार जब्त कर ली है। घटना को पाच दिन बीत जाने के बाद भी न तो इस मामले में कोई केस बनाकर कार्रवाई की गई है और न ही राशन बांटने वाले को उनका सामान लौटाया जा रहा है।

एक ओर कोरोना का कहर तो दूसरी और पुलिस का डंडा, दादरा में गरीबों को बांट रहे थे राशन, पुलिस ने वाहन सहित जमा कर लिया किट - सिलवासा समाचारएक ओर कोरोना का कहर तो दूसरी और पुलिस का डंडा, दादरा में गरीबों को बांट रहे थे राशन, पुलिस ने वाहन सहित जमा कर लिया किट - सिलवासा समाचारइस संदर्भ में दादरा निवासी शत्रुघ्न शुक्ला ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान गरीब लोगाें की हालत उनसे देखी नहीं गई। इसके लिए उन्होंने लगभग 200 जरूरतमंद लोगों की सूची बनाते हुए उन्हें घर-घर सुखा राशन का किट बांटने का निर्णय लिया। 11 मई के दिन वह अपनी डीएन 09 के 0106 नंबर की स्कॉर्पियो के जरिए दादरा के रोहित वास इलाके में जरूरतमंद लोगों को राशन बांट रहे थे तभी दादरा पुलिस प्रभारी और उनकी टीम ने आकर उन्हें राशन बांटने से मना किया और उनका स्कॉर्पियो गाड़ी सहित सभी लगभग 50 से 60 राशन का किट जमा कर लिया। शत्रुघ्न शुक्ला ने बताया कि 5 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने यह भी नहीं बताया कि उनका राशन और वाहन किस अपराध में जमा कर लिया और न ही पांच दिनों में उनके खिलाफ कोई केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल राशन के किट और वाहन पुलिस के कब्जे में ही है। इस संदर्भ में जानकारी के लिए दादरा थानाप्रभारी से संपर्क किया गया लेकिन उनका कोई भी जवाब नहीं मिल सका, जबकि सिलवासा पुलिस थाने में पूछताछ की गई तो बताया कि ऐसा किसी भी तरह की एफआईआर रजिस्टर नहीं हुई है।

सेक्टर मजिस्ट्रेट को भी राशन किट दिए

शत्रुघ्न शुक्ला ने बताया कि राशन वितरण के दौरान उनकी मुलाकात दादरा सेक्टर मजिस्ट्रेट से हुई थी। उन्होंने उनके लिए भी 2-4 राशन के किट दिए थे। शत्रुघ्न शुक्ला का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री ही गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करने की अपील करते है और उसके अनुसार ही वे गरीबाें की मदद कर रहा थे। लेकिन पुलिस ने जबरदस्ती से राशन के किट और उनका वाहन जब्त कर लिया। अगर गरीबों की मदद करना अपराध है तो पुलिस ने पांच दिन बाद भी न तो कोई केस दर्ज किया है और न ही उनका राशन किट और वाहन उन्हें वापस दिलवा रहे है।

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