दमन की जनता से तो कानून भी डर रहा है! आर-टी-ओ निरीक्षक।

Daman RTO DAMAN
RTO DAMAN
  • सरकारी विभागों द्वारा किराए पर लिए गए वाहनों को कभी भी जप्त कर सकती है आर-टी-ओ।
  • किराए पर लिए गए वाहनों का टूरिस्ट परमिट (पीला पासींग) होना अनिवार्य: आर-टी-ओ निरीक्षक।

दमन की जनता को आर-टी-ओ विभाग से मिलने वाली है कुछ नई सुविधाएं, अब गुजरात की तर्ज पर मास्टर कार्ड और नम्बर प्लेट बनाने की तर्ज पर काम कर रहा है दमन RTO विभाग। RTO निरक्षक से एक खास बात-चित में निरीक्षक ने बताया कि दमन में जल्द RTO अपनी नई तकनीक और उपलब्धियों को लेकर जनता के सामने आएगा, जिसके लिए दमन RTO ने अपनी शुरुआत कर दी है।

हालांकि दमन RTO निरीक्षक श्री बीपीन पँवार ने बताया कि दमन-दीव के कई सरकारी विभागों में तथा संस्थाओं में किराए पर लिए गए वाहनों में भारी अनियमित्ताएँ देखी गई है। तथा वाहन किराए पर लेनी कि प्रक्रिया भी गलत है और उसका मासिक भुगतान भी नहीं किया जाना चाहिए, एवं जिस तरह वाहनों पर भारत सरकार लिखकर वाहन घूम रहे है उस तर्ज पर RTO निरीक्षक ने बताया कि नियमानुसार सभी वाहन RTO द्वारा जप्त होने चाहिए लेकिन प्रशासन इस बात पर वाहन जप्त करने की अनुमति देती है या नहीं यह तो प्रशासन और प्रशासक जाने।

ये भी पढ़ें-  भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर दमण पहुंचे: भाजपाईयों ने किया भव्य स्वागत

RTO निरीक्षक ने बताया की सरकार द्वारा वाहन किराए पर लेने की प्रक्रिया वाहन का टूरिस्ट परमिट नम्बर व पंजीकरण होना अनिवार्य है तथा उस प्रकार के पंजीकरण हेतु अलग टैक्स और प्रक्रिया है जिसका ध्यान नहीं रखा गया, और दमन के सरकारी विभागों द्वारा प्राइवेट नम्बर (पासींग) के वाहनों को सरकारी कार्य हेतु किराए पर ले लिया गया जो कि नियमों के वीरुध है एवं अपने आप में किसी अपराध से कम नहीं।

हालांकि इस मामले में अब प्रशासक आशीष कुन्द्रा RTO निरीक्षक को क्या आदेश देते है और क्या कार्यवाई करते है यह तो देखने वाली बात है लेकिन अगर दमन के सरकारी विभागों द्वारा लिए गए वाहन RTO जब्त करती है तो इसके बाद टूरिस्ट परमिट वाले वाहन सरकार को कोन उपलब्ध करवा पाएगा यह भी किसी समस्या से कम नहीं।

ये भी पढ़ें-  हर्षोल्लास के बीच मनाया गया ६८वां गणतंत्र दिवस, प्रशासक प्रफुल पटेल ने किया ध्वजारोहण

हालांकि RTO निरीक्षक से कई और खास सवाल भी किए गए जिनका कोई जवाब निरीक्षक पवार नहीं दिया, लेकिन क्रांति भास्कर टिम जल्द उन सवालों को पुनः निरीक्षक के सामने रखने का प्रयास करेगी, और चाहेगी कि निरीक्षक इस बार उन सवालों के जवाब भी दे जो भ्रष्टाचार के मामलों से जुड़े है।

इस मामले में कार्यवाई ना करने के लिए निरीक्षक से कारण पूछा तो उन्होने अपने भय और डर शब्द का प्रयोग करते हुए एक तरह से यह बताने का काम किया की यहां तो कानून भी भयबित है, बाकी तो भगवान ही मालिक।

जल्द इसी विभाग से जुड़े कुछ नए चोकाने वाले खुलासे लेकर आपके सामने जल्द आएगा भूचाल डॉट कॉम।