दमन सतर्कता विभाग के अधिकारियों को भ्रष्टाचार की पूरी-पूरी जानकारी, फिर भी हाथ-पर-हाथ धरे बैठे है, चुप्पी का कारण राजनीतिक दबाव या तो, सतर्कता विभाग केवल स्वांग का प्रतीक।

दमन का सतर्कता विभाग के अधिकारी धीरुभाई टंडेल दमन में हो रहे भ्रष्टाचार में अपना हिस्सा रखते है, या सतर्कता विभाग के वरीय अधिकारियों ने अधीक्षक धीरुभाई के हाथ बांध केवल भ्रष्टाचार निरोधी होने का स्वांग रचा रहे है? ज्ञात हो कि दमन में भ्रष्टाचार भरपूर है, सभी जगह भ्रष्टाचार है, नगर निगम और जिला पंचायत में करोड़ों के घोटाले हो रहे है, सड़के बनती नहीं सड़कों के नाम पर नेता और अधिकारी अपनी ऐशगाह आबाद किए है, यह बात स्वयम धीरुभाई टंडेल द्वारा बताई गई, तथा इस मामले की पुष्टि क्रांति भास्कर ने एक स्टिंग के तहत की।

दमन सतर्कता विभाग के अधीक्षक को दमन में हो रहे भ्रष्टाचार की पूरी-पूरी खबर, फिर भी हाथ पर हाथ धर के बैठे है धीरुभाई, माजरा भ्रष्टाचार में भागीदारी का है, या वरीय अधिकारियों की चुप्पी का, प्रशासक महोदय इनकी जांच जरूरी, विकास आयुक्त संदीप कुमार की कार्यप्रणाली पर एक और प्रश्न चिन्ह…

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ज्ञात हो कि जिस विभाग का कार्य भ्रष्टाचार के प्रति संज्ञान लेना है उसी विभाग के अधिकारी, अधीक्षक धीरुभाई टंडेल दमन में हो रहे भ्रष्टाचार की पूरी खबर रख कर भी खामोश बैठे है। इस मामले में या तो दमन की प्रशासन को दोष दिया जाए या सतर्कता विभाग के वरीय अधिकारियों को। हालांकि क्रांति भास्कर के पास सतर्कता विभाग के अधीक्षक धुरुभाई टंडेल द्वारा दमन में भ्रष्टाचार को लेकर किए गए खुलासे की टेप अपने पास रखी है, तथा क्रांति भास्कर ने अपनी वेब-साइट पर भी रखी है।
दमन में बढ़ते भ्रष्टाचार तथा सतर्कता विभाग के अधिकारी द्वारा इस बयान को देख कर लगता है, यहां की प्रशासन मोदी सरकार को भी कलंकित कर छोड़ेगी, या तो उक्त मामले में यहां की प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए, दमन सतर्कता विभाग के भांडा फोड़ अधीक्षक को निलंबित कर, धीरुभाई की जांच करे करवाए, तथा अब तक धीरुभाई ने सतर्कता विभाग के पद का दुरुपयोग कर कितना भ्रष्टाचार किया, तथा कितना माल कमाया इस मामले में जांच करवाने की जरूरत है।