दीव के लाल किल्ले से समाहर्ता ने तिरेंगे को लहराके शहिद जवानो को श्रधांजली दि ।

संघ प्रदेश दीव-दमण पोर्तुगीजो के शासन से  19 दिस्म्बर 1961 के दिन आज़ाद हुआ था । भारतीय  सेना के  २०  बटालियन मारवाड़ रेजिमेंट जोधपुर ने दीव में पोर्तुगीजो के ऊपर समंदर से ” ऑपरेशन विजय ” के नाम से  हमला कर दीव को आज़ाद करवाया था । हर साल  तरह  इस व्साल दीव के समाहर्ता विक्रम सिन्ह मलिक ने सुबह 8 बज़े  शहिद जवानो को  श्रधांजली दि बाद में  ठिक 9 बज़े दीव  लाल किल्ले से  समाहर्ता ने तिरेंगे को लहराके दीव दमण प्रसाशक आशिश कुंद्रा के दीव के लोगो के नाम संदेश पठ कर सुनाया पोलिस परेड का निरिक्षण मार्च पास  के बाद खेल एव्म अन्य सांस्क्रुतिक कार्यक्रम में विजेता को  पुरस्कार दिये  । इस बार मार्च पास मे दीव पोलिस विजेता हुई ।
दीव बाल भवन बोर्ड की और से बेटी बचावो जैसे कई सांस्क्रुतिक कार्यक्रम  प्रस्तुत किये ।
इस शुभ अवसर पर दीव समाहर्ता विक्रम सिन्ह मलिक,  दीव जिल्ला न्यायाधीश  तुशार अगवाले,भारतीय  सेना के  २०  बटालियन मारवाड़ रेजिमेंट जोधपुर के  कर्नल ए. एस. राठोड, दीव नगर परिशद अध्यक्ष  हितेश जी. सोलंकी, दीव जिल्ला पंचायत अध्यक्ष शशीकांत मावजी सोलंकी,तनवीर अहमद,दीव वन अधिकारी, दीव नगर परिशद सी.ओ राकेश कुमार, तहेसीलदार चंद्रेश डी.वाजा,,दीव नगर परिशद  उपाध्यक्ष हरेश पांचा,भारतीय सेना के सेवा निवृत फौजी शांतिलाल एल. जादव की अगुवाई दीव के ८ सेवा निवृत  फौजी एवं २४ मैकेनाइज इन्फेंटरी राजस्थान सीमा क्षेत्र  पर तैनाद कमांडेड रेंज की  और से सूबेदार राज वीरसिंग,हवालदार विरेंन्द्र सिन्ह ,  गुजरात के स्वातंत्रा सेनानी (1) नवीनचंद्र  रामशंकर-ऊना (2) प्रतापभाई छोटालाल पाठक -उना(3) उमंगउमंगभाई छाटबार- अमरेली और सेना के जवान, दीव मुक्ति दिन के स्वतंत्र सैनानी  और   बड़ी संख्या में दीव

ये भी पढ़ें-  एशिया की प्रथम म्युनिसिपल को सत्ता महत्वकांशीयों ने बनाया मज़ाक।

संवाददाता -Bipin Bamanaia Diu-Libretionday-photo script