करोड़पति आदिवासी ने हड़पी गरीब आदिवासी की जमीन!

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संध प्रदेश दादरा नगर हवेली के गरीब आदिवासियों को जमीन मामलो में सरकारी अधिकारी छोटे से छोटे कार्य के लिए कितने चक्कर लगवाते है यह दादरा नगर हवेली की गरीब आदिवासी जनता भली-भांति जानती है। लेकिन लगता है कि रसुखदार और ऊंची पहुँच रखने वालो की बात कुछ और है! उन्हे जमीन मामले में ना चक्कर काटने पड़ते है ना किसी जमीन दलाल की आवश्यकता पड़ती है। अब ऐसा इस लिए भी कहा जा रहा है क्यो कि दादरा नगर हवेली का जो जमीन मामला इस वक्त सामने आया है उसे देखकर तो यही लगता है की जमीन से संबन्धित नियम केवल गरीबों को चक्कर कटवाने के लिए बने है, अमीर तो बिना चक्कर काटे गरीब को सरकार द्वारा दी गई जमीन भी अपने नाम करवाने की कुबत रखते है! शासन प्रशासन नेताओं की जेब में और नेता ठहरे भू-माफियाओ के भाई! प्रशासनिक अधिकारी करे भी तो क्या करें? नेताओं से बेर ले नहीं सकते ऊपरी कमाई का सवाल है, इस लिए जनता पर ही अपने अधिकारित्व का धोस दिखाकर अपने अधिकारी होने का दंभ भर संतोष कर लेते है!

दीपक जादव ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर एक ऐसे ही जमीन घोटाले के बारे में जानकारी दी है। जमीन घोटाले में वर्तमान सांसद नटु पटेल के भाई रणजीत पटेल के तार जुड़े हुए है और यही तार अब आगे चल कर वर्तमान सांसद नटु पटेल को विधुतीय झटका भी दे सकते है! अब सांसद इस झटके को झेल पाते है या नहीं यह तो आने वाला समय बताएगा। फिलवक्त तो आप दीपक जादव द्वारा प्रकाश में लाए गए इस मामले पर नज़र डालिए।

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मामला है गरीब आदिवासी को सरकार द्वारा दी गई जमीन का। मामला है गरीब आदिवासी को सरकार द्वारा दी गई जमीन से बे-दखल करने का। माला है जमीन से गरीब आदिवासी का नाम निकाल, अपना नाम जमीन में दाखिल करवाने का। मामला है उस गरीब आदिवासी की जमीन हड़प करने का। मामला है उस गरीब आदिवासी के साथ धोखा-धड़ी का। मामला है नियमो के उलंधन का। और मामला है अपनी ऐशगाह आबाद करने का। मामले कई है इसी लिए बात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी तक गई है। अन्यथा अन्य जमीन मामलो की तरह यह मामला भी मामलतदार कार्यालय से समाहर्ता कार्यालय और समाहर्ता कार्यालय से मामलतदार कार्यालय चक्कर लगाता रहता।

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खेर मुद्दे पर आते है और बात करते है उस खत कि जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को लिखा गया। दीपक जादव ने प्रधान मंत्री मोदी को बताया कि दादरा नगर हवेली के गरीब आदिवासी मगन रणछोड़ पटेल को सरकार श्री द्वारा दिनांक 21-11-1977 को, सर्वे नंबर 262 में 1 हेक्टर 10 गुणठा जमीन दी गई थी। मगन रणछोड़ पटेल की म्रत्यु के बाद उक्त जमीन दिनांक 31-10-1999 को उनके परिवार के 8 सदस्यो के नाम पर वरसाई की गई। दिनांक 12-02-2012 को, दादरा नगर हवेली के वर्तमान सांसद के भाई रणजीत पटेल का नाम उक्त जमीन के मूल मालिक की पत्नी के निधन के बाद वसीयत-नामे के आधार पर दाखिल किया गया। यही से सवालो का जन्म शुरू हुआ और मामले ने एक घोटाले का रूप ले लिया! अब सवाल यह है की वसीयत के आधार पर वर्तमान सांसद के भाई का नाम उक्त जमीन में कैसे दर्ज हुआ? क्या यह मुमकिन है? या वर्तमान सांसद के भाई के लिए इसे मुमकिन बनाया गया? इस सवाल का जवाब तो प्रशासन ही दे सकती है। लेकिन उसके लिए निष्पक्ष जांच करनी होगी।

वैसे बात यही खत्म नहीं होती, बल्कि अभी तो बार शुरू हुई है। इससे भी ज्यादा चौकाने वाली बात यह है की वर्तमान सांसद के भाई ने उक्त जमीन में अपना नाम दर्ज (दाखिल) करवा कर बाकी सभी जमीन के सह मालिको का नाम निकलवा दिया। जमीन के सह मालिको का नाम निकलवाने के लिए एक रिलीज डीड को आधार बनाया गया। दिनांक 25-07-2012 को एक रिलीज डीड के आधार पर सभी सह मालिको का नाम रद्द किया गया और सिर्फ वर्तमान सांसद के भाई रणजीत पटेल का नाम उक्त जमीन में रखा गया। सरकार द्वारा दी गई जमीन को लेकर पुनः गरीब को बे-जमीन कर दिया गया और सरकार द्वारा गरीब आदिवासी को मिली जमीन के मालिक वर्तमान सांसद नटु पटेल के भाई रणजीत पटेल हो गए। फिर क्या था वर्तमान सांसद के भाई रणजीत पटेल ने जमीन मालिक की हेसियत से जमीन एन-ए और जमीन बिक्री की स्वीकृति लेकर उक्त जमीन को योगी डवलपर्स को दिनांक 07-08-2015 को 1 करोड़ 65 लाख में बेच दी। आज उक्त जमीन का बाजार भाव 25 से 30 करोड़ बताया जाता है। क्या यही विकास है? यदि सांसद नटु पटेल इसी को विकास समझते है तो दादरा नगर हवेली के आदिवासियों को ऐसे विकास से कोई लाभ नहीं होने वाला। एक गरीब आदिवासी को सरकार द्वारा दी गई जमीन यदि सवय सांसद का भाई ही ले ले तो फिर इस प्रदेश में अन्य भूमाफियाओं पर लगाम कैसे लगेगी? जमीन का ना सेल-डीड हुआ ना समाहर्ता से सेल्स परमिसन ली, एक वसीयत नामे से जमीन में नाम दर्ज हुआ और एक रिलीज डीड के जरिये सभी जमीन मालिक के नाम हवा हो गए! इसे कहते है गतिशील विकास! नटु भाई प्रदेश के सांसद है उन्हे सोचना चाहिए की गरीब आदिवासी के पास अधिक से अधिक जमीन हो, ना की उनके करोड़पति भाई के पास। सांसद नटु पटेल अपने भाषण में कहते है की वह आदिवासियो का विकास चाहते है लेकिन इस मामले को देखकर लगता है की सांसद मोहोदय विकास का सर्वप्रथम हकदार अपने भाई रणजीत पटेल को ही समझते है! इस मामले के सामने आने के बाद अब नटु पटेल उक्त गरीब परिवार को उक्त जमीन लौटाएगी या नहीं यह तो नहीं पता लेकिन प्रशासन को इस मामले में जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी करने की जरूरत है।

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दादरा नगर हवेली में सालो से आदिवासी गरीबी का दंश झेल रहे है। नेता उन्हे नई नई स्कीमों के तहत लाभ दिलाने का वादा करते है। गरीब आदिवासी कभी, बी-पी-एल तो कभी ए-पी-एल तो कभी ए-ए-वाई के कार्ड लेकर सरकारी स्कीमों के लाभ लेने के लिए कार्यालय दर कार्यालय चक्कर काटते है, लेकिन इसके बाद भी गरीब आदिवासियों को गरीबी से छुटकारा मिलता नहीं दिखाई देता। दादरा नगर हवेली के सभी करोड़पति नेताओं को आगे आकर अपनी अपनी करोड़ो की संपत्ति, उन गरीब आदिवासियो के नाम कर देनी चाहिए जिनके विकास के लिए दादरा नगर हवेली के नेता संधर्ष करने का दावा करते है। दादरा नगर हवेली में, ना आदिवासी नेताओं की कमी है ना करोड़पति नेताओं कि ऐसे में यदि दादरा नगर हवेली के आदिवासी नेता सांसद नटु पटेल इस प्रकार की कोई पहल करे तो दादरा नगर हवेली के गरीब आदिवासियो को भी गरीबी के दंश से छुटकारा मिल सकता है। और प्रदेश के अन्य नेताओ से भी इस प्रकार के प्रयास करने उम्मीद की जा सकती है।

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लगता है दादरा नगर हवेली के सांसद नटु पटेल का जमीन विवाद से काफी गहरा नाता है अन्यथा एक के बाद एक जमीन मामलो में सांसद तथा सांसद के परिवार के सदस्यो पर बार बार ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगते! जमीन संबन्धित मामलो में कभी सांसद तो कभी सांसद के परिवार के सदस्यो पर, जमीन संबन्धित मामलो में गंभीर आरोप लगते रहे है। पूर्व में सांसद नटु पटेल की पत्नी जयश्रीबेन पर भी जमीन मामले में धोखा-धड़ी का आरोप लग चुका है। दिनांक 15-10-2012 को क्रांति भास्कर द्वारा उक्त मामले में भी प्रमुखता से ख़बर प्रकाशित की गई थी। इसके अलावे सवय नटु पटेल पर भी जमीन संबन्धित मामले में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लग चुका है मामला है दादरा नगर हवेली चार रास्ता स्थित सर्वे नंबर 165 की 13 गुंठा जमीन का। उक्त मामले में भी दिनांक 01-04-2013 को क्रांति भास्कर द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। अब जो मामला सामने आया है उसमे सांसद के भाई रणजीत पटेल पर आरोप लगे है।