किशोर कुमार का एक मशहूर गीत मेरा जीवन कोरा कागज़ कोरा ही रह गया, दादरा नगर हवेली प्रशासन की वेबसाइट पर दिए गए सतर्कता विभाग के लिंक पर बिलकुल फीट बैठता है, इस लिंक को जब भी खोलो, Response is awaited from the Department लिखा दिखाई देता है, बाकी का पूरा पेज़ कोरा है। इस अग्रेजी वाक्य से ही पता चलता है कि इस पेज़ पर काफ़ी समय से विभागो ने कोई सामाग्री नहीं डाली है, वेबसाइट देखकर लगता है कि यह वेबसाइट जब से डिजाइन हुई तब से ही कोरी है। ना वेबसाइट पर सतर्कता विभाग का पता है ना अधिकारियों का नाम और फोन नंबर और ना ही विभाग से संबन्धित किसी प्रकार की कोई सामाग्री। अब इस वेबसाइट के खाली पेज़ से जनता क्या मतलब निकाले, किसी नागरिक को कोई जानकारी चाहिए तो वह कहा जाए, किस अधिकारी से संपर्क करें, अगर कोई शिकायत हो तो कहा करें, इस वेबसाइट के खाली पेज़ को देखने के बाद डिजिटल इंडिया की कलाई खुलती दिख रही है। भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया का जो नारा दिया है इस मामले को देखकर लगता है उक्त नारे के लिए दादरा नगर हवेली में कोई जगह नहीं है।
प्रशासक प्रफुल पटेल के सलाहकार एस एस यादव सतर्कता विभाग के सचिव है, क्या उनकी सतर्कता यही है? इस तरह कि घोर लापरवाही कहां तक उचित है? क्या यादव जी इसी तरह प्रशासक प्रफुल पटेल को सलाह दिया करते है? सतर्कता विभाग की जिम्मेवारी यदि यादव जी को दी गई है तो उन्हे यह जिम्मेवारी पूरी तरह निभानी चाहिए उन्हे पाता लगाना चाहिए की इस वेबसाइट के पेज़ को कोरा बनाने के लिए कोन ज़िम्मेवार है और जो भी जिम्मेदार हो उन्हे निलंबित करना चाहिए फिर उनका नाम ही इस फेहरिस्त में क्यो ना हो।