विधुत विभाग के कनीय अभियंताओं के सहारे भ्रष्टाचार की काली कमाई की लेन-देन.

एक सीडी में मिले विधुत विभाग के कई राज.
प्रतिमाह मिलता है प्रशासक ओर विधुत सचिव को हिस्स। कुछेक अभियंता तथा दलालों के साथ साथ उधोगपतियों की मदद से बड़े बड़े अधिकारीयों के बताए ठिकानों पर पहुचाया जाता है विधुत विभाग के भ्रष्टाचार का हिस्स। हिस्सा पहुचाने वाले को भी मिलता है कमिसन। दमन से लेकर दिल्ली तब बांटा जाता है विधुत विभाग के भ्रष्टाचार का पैसा, दमन-दीव के कई नेता भी इस मामले में शामिल.

दमन-दीव विधुत विभाग के भ्रष्टाचार की कहानी काफी पुरानी है. लेकिन इस विभाग के भ्रष्टाचार में किस किस की भागीदारी है ओर इस विभाग के भ्रष्टाचार की काली कमाई का काल हिस्सा किसके हवाले से पहुंचाया जाता है यह अब तक केवल एक राज ही बना था. लेकिन शायद अब इस राज से भी पर्दा उठने वाला है. जहाँ तक इस विभाग के भ्रष्टाचार की बात है तो इस विभाग के कार्यपालक अभियंता के साथ साथ कई अन्य सहायक तथा कनीय अभियंताओं के नाम बताए जाते है. बताया जाता है की इस विभाग के भ्रष्टाचार में केवल कार्यपालक अभियंता नहीं बल्कि सहायक अभियंताओं तथा कनीय अभियंताओं की भी बराबर की भागीदारी है. वहीँ इस विभाग की इस काली कमाई को किन किन अधिकारीयों में तथा नेताओं में बांटा जाता है इसकी भी एक लम्बी लिस्ट है, लेकिन उस लिस्ट के खुलासे से पहले आप को यह बता दे की इस विभाग के भ्रष्टाचार को रोकने का काम किस किस अधिकारी के जिम्मे है तथा कौन कौन से अधिकारी है जो इस विभाग के भ्रष्टाचार को रोकने के बजाय उसे बढ़ावा दे रहे है.

ये भी पढ़ें-  2014 में केतन पटेल ने सरकार को कितनी संपत्ति बताई, पढिए पूरी रिपोर्ट।

संध प्रदेश दमन दीव में अबसे प्रमुख पद है प्रशासक का ओर इस पद पर बैठे है प्रशासक आशीष कुंद्रा, दूसरे नंबर का पद विकास आयुक्त का बताया जाता है जिनका काम विकास सम्बंधित मामलों में किए गए खर्च की सही समीक्षा करना है. लेकिन बडिम्बना है की अधिकारीयों की कमी के कारण विकास आयुक्त को कई अन्य प्रभारों के साथ साथ विधुत सचिव का प्रभार भी मिला हुआ है, विकास आयुक्त एवं विधुत सचिव संदीप कुमार की भी यही जिम्मेवारी है की वह इस प्रशासन तथा हर विभाग के भ्रष्टाचार पर अपनी नजर रखे. ओर मजे की बात तो यह है की इनकी नजर भ्रष्टाचार पर है भी लेकिन जांच करने या भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए नहीं, बल्कि हिस्सा लेकर जांच की मांग को दबाने के लिए. दमन दीव प्रशासन के वरीय अधिकारी प्रशासक आशीष कुंद्रा तथा विकास आयुक्त सदीप कुमार ही नहीं कई ओर भी है इस झमेले में झोल करने वाले लेकिन अब तक केवल यह बाते जनता के बीच ही होती रही है. लेकिन अब शायद जनता भी इनपर अपनी पैनी नजर रखे हुए.

ये भी पढ़ें-  रैली निकालकर स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक 

वैसे आप यह सोच रहे होंगे की यदि प्रशासक ओर विधुत सचिव संदीप कुमार दोनों का भ्रष्टाचार में हिस्सा है तो वह दोनों अपने हिस्से को कैसे वसूलते है आवर किसके माध्यम से वसूलते है. तो इस मामले में सूत्रों का कहना है की यह दोनों बड़े पदों पर नियुक्त अधिकारीयों को देश के जिस कोने में जितना हिस्सा चाहिए पहुंचाने की व्यवस्था विधुत विभाग के कुछ गिने चुने अभियंताओं के सहारे करवा दी जाती है कुछ मामलों में इस प्रकार की व्यवस्था के लिए कुछेक दलाल ओर उधोगपतियों की भी मदद ली जाती है तथा इन्हे भी इस काम के लिए इस्तमाल कर उनको उनका मेहनताना दे दिया जाता है. अब आप सोच रहे होंगे की वह कोनसे अभियंता ओर उधोगपति है जिनके माध्यम से प्रशासक विधुत सचिव की मनचाही जगह काली कमाई पहुचाने का काम होता हे। तो उन नामों को जानने के लिए आपको थोड़ा इन्तजार करना पड़ सकता है. क्रांति भास्कर को एक सीडी मिली है जिसमें इस मामले की लेनदेन के कुछ सबुत है लेकिन इस सीडी की सत्यता पर अभी तक क्रांति भास्कर द्वारा कोई जांच परख नहीं की गई है जल्द क्रांति भास्कर उक्त मामले में पूरी खबर जनता के सामने पेश करेगि…

कितनी रकम  कितना कमिसन कौन देने वाला कौन लेने वाला, पूरा खुलासा खुलासा जल्द…