वर्षों बाद जागी सरकार, फतेसिंह चौहान पर FIR, अब फतेसिंह भी फ़रार।

वर्षों बाद जागी सरकार, फतेसिंह चौहान पर FIR, अब फतेसिंह भी फ़रार। | Kranti Bhaskar
Fatubhai-Silvassa

संध प्रदेश दानह में जमीन मामला संध प्रदेश के गरीब आदिवासियों के लिए सबसे बड़ी समस्या रहा है, समय पर अधिकारियों की अनुपस्थिति और बड़े बड़े भूमाफ़ियों का आदिवासी की जमीन में हस्तक्षेप कई बार देखा गया, कई आदिवासी तो सालों से अपनी जमीन और हक पाने के लिए मामलतदार और समाहर्ता के चक्कर काटते रहे है, लेकिन उन्हे न्याय नहीं मिला, लेकिन इस वक्त जो मामला उसे देख कर लगता है कि अब आगे चलकर बड़े बड़े भूमाफियाओं पर प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है।

संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली में पिछले कई वर्षों से भूमाफियाओं का आदिवासियों की जमीनों पर तिकड़म के जरिए कब्जा करने का जो काला कारोबार चलाया जा रहा था, उस काले कारोबार के काले भूमाफियाओं को ठिकाने लगाने के लिए मानों प्रशासन ने कमर कस ली है और लगता है कि, प्रशासन ने भूमाफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का मन बना लिया है।

इस मामले में प्रशासन का पहला निशाना भाजपा के बड़े नेता फतेह सिंह चौहान बने हैं। सिलवासा मामलतदार टी एस शर्मा द्वारा, दानह पुलिस को की गई शिकायत पर पुलिस ने इस मामले को 420, 468, 471, 121बी और एससी/एसटी एक्ट 1989 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला दर्ज करने के बाद बीती रात पुलिस अधिकारियों और भारी संख्या में पुलिस जवानों का एक काफिला फतेह सिंह चौहान को गिरफ्तार करने उनके आवास हवेली पर पहुचा, लेकिन फतेह सिंह चौहान को शायद पुलिस की इस कार्यवाही के बारे में पहले ही पता था इस लिए वह पुलिस के हाथ नहीं लगे और फरार होने में कामयाब हो गए।

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वहीं दूसरी और पुलिस उनके कई ठिकानों पर दबिश देने की कोशिश करती रही लेकिन पुलिस के हाथ फतेह सिंह चौहान नहीं आए। जबकि पुलिस ने उनके पुत्र अभिषेक सिंह चौहान को सिलवासा कोर्ट में नोटिस देने की कोशिश की लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से मना कर दिया। वहीं दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि इसके बाद अभिषेक सिंह चौहान को एसडीपीओ रविन्द्र शर्मा के सामने पेश किया गया जहां उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। बताया जाता है कि यह मामला 2009 का है, जब फतेह सिंह चौहान ने हवेली इंटरप्राइजेज नामक अपनी फर्म से सिली के रहने वाले एक आदिवासी की जमीन फर्जी कागजातों के आधार पर अपने नाम करा ली और प्रशासन को इस मामले में गुमराह किया।

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इसके साथ ही जमीनधारक आदिवासी के साथ भी धोखाधड़ी की। कागजातों की जांच के बाद सिलवासा के मामलतदार टी. एस. शर्मा की शिकायत पर सिलवासा पुलिस ने मामला दर्ज कर फतेह सिंह चौहान को पकड़ने की कोशिश की है लेकिन अभी तक वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं। दानह एसपी शरद भास्कर दराडे ने कहा कि प्रदेश की जनता या आदिवासियों को किसी भी तरह की कोई परेशानी होती है तो वे नि:संकोच पुलिस थाने में आकर अपनी बात रख सकते है। पुलिस हमेशा ही जनता हित में कार्यरत रहती है और रहेगी। पुलिस द्वारा कल से की जा रही छापेमारी और दबिश के बीच फतेह सिंह चौहान से भी उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सके जिससे अभी तक उनका पक्ष नहीं मिल सका है।