जगह जगह अंकिता का भव्य स्वागत।

Ankita Patel Silvassa
Ankita Patel Silvassa

बीते कई दिनों से दादरा नगर हवेली में शिवसेना उम्मीदवार अंकिता पटेल का चुनावी प्रचार जोरों शोरों से चल रहा है। अंकिता दादरा नगर हवेली के चप्पे चप्पे में जाकर अपना प्रचार कर रही है इसी क्रम में वे सिलवासा में स्थित शिवसेना कार्यालय में पहुंची तो वहा उपस्थित शिवसेनिकों ने उनका भव्य स्वागत किया। जिसे देखकर वे भाव-विभोर हो उठी इसके बाद अंकिता पटेल अपने समर्थको के साथ चुनाव प्रचार के लिए अन्य स्थलो की और रवाना हो गई।

दानह के राजनीतिक पंडितों की पहली पसंद अंकिता!

इन दिनों शिवसेना की उम्मीदवार अंकिता पटेल राजनैतिक पृष्टभूमि में हॉट केक बनी हुई है। दादरा नगर हवेली के अधिकांश राजनैतिक पंडित, उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उनके तारीफ़ों के कसीदे पढ़ रहे है, यही कारण है जिसके चलते दादरा नगर हवेली का बुद्धिजीवी वर्ग भी उनकी चर्चा अन्य शीर्ष नेताओं के तर्ज़ पर करने लगा है।

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एक वर्ग कहता है की अंकिता पटेल और मोहन डेलकर के बीच टक्कर होगी और बीजेपी तीसरे नंबर पर रहेगी, तो दूसरा वर्ग कहता है की नटु पटेल और अंकिता पटेल के बीच जबर्दस्त मुक़ाबला होगा और मोहन डेलकर तीसरे नंबर पर रहेंगे। दादरा नगर हवेली का बुद्धिजीवी वर्ग मानकर चल रहा है की अंकिता पटेल अपने विरोधियों को जमकर टक्कर देगी, परंतु अभी तक किसी भी वर्ग ने यह नहीं कहा की अंकिता पटेल तीसरे नंबर पर आएगी, अब ऐसी चर्चाओं पर ताज्जुब किया जाए या अंकिता की लोकप्रियता के स्तर को आंका जाए यह स्वय जनता तय करें।

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ज्ञात हो की अंकिता पटेल ने जब से राजनीति में कदम रखा है तब से उसने सभी राजनीतिक दलों की नाक में दम कर रखा है उसने अपने विरोधियों के खेमे में खलबली मचा दी है, इतने कम समय में मोहन डेलकर और नटु पटेल जैसे राजनेताओं के दाँत खट्टे करना बहुत बड़ी बात है। दरअसल अंकिता पटेल एक एन-जी-ओ भी चलती है और इस एन-जी-ओ के माध्यम से उन्होने दादरा नगर हवेली के ग्रामीण विस्तार में काफी काम किया है और उनकी लोकप्रियता के पीछे कई समाज कल्याण के कार्य भी जुड़े है जो वह सालो से करती आई है।

इस संदर्भ में बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है की अंकिता पटेल की यह उपलब्धि मोहन डेलकर और नटु पटेल के राजनीतिक गाल पर करारा तमाचा साबित हो रही है ऐसा इस लिए कहा जा रहा है क्यो की मोहन और नटु दोनों मंझे हुए खिलाड़ी है, दोनों ने सत्ता का सुख भोगा है दोनों जनता की सेवा का दावा भी करते है, और दोनों काफी पुराने राजनेता है। ऐसे में अंकिता पटेल का इस तरह उभरकर आना कही ना कही मोहन और नटु से ना-खुश लोग, अब अंकिता में नई उम्मीद देख रहे है, कुछ राजनीतिक पंडितों का यह भी कहना है कि अगर अंकिता के समर्थन में अनिल पटेल जैसे नेता खुलकर सामने आ जाए तो अंकिता का किला फतेह करना और आसान हो जाएगा।