सरकारी जमीन पर अलकेम इंडस्ट्रीज का कब्ज़ा।

संघ प्रदेश दमण-दीव के सरकारी विभागो एवं विभागीय अधिकारियों कि खराब कार्यप्रणाली देखकर लगता है कि उक्त अधिकारियों ने यह ठान लिया है कि जब तक प्रशासक प्रफुल पटेल स्वय किसी मामले में निर्देश या आदेश ना दे दे, तब तक वह किसी भी प्रकार कि अनियमितता ओर गड़बड़ी पर कार्यवाही नहीं करेंगे।

दमण के दाबेल क्षेत्र में स्थित, अलकेम इंडस्ट्रीज एक बड़ी नामी दवा कंपनी है। अभी कुछ समय पहले ही सरकारी जमीन पर अलकेम इंडस्ट्रीज लिमिटेड का विधुत सब स्टेशन होने का एक मामला प्रकाश में आया था। विधुत विभाग द्वारा उक्त इकाई को नोटिस तो जारी किया गया, लेकिन विधुत विभाग शायद कार्यवाही करना भूल गया, आखिरकार क्रांति भास्कर द्वारा दिनांक 10-06-2019 को ख़बर प्रकाशित कर, विधुत विभाग को उस नोटिस के बारे में याद दिलाया गया, इसके बाद विधुत विभाग ने कार्यवाही कर सरकारी जमीन से विधुत सब स्टेशन को हटा दिया। अब उक्त इकाई से जुड़ा एक ओर मामला समाने आया है, मामला भी कुछ ऐसा ही है ओर उक्त मामला देखकर लगता है कि दमण के कई अधिकारियों को, नोटिस जारी कर, या तो भूलने कि आदत है या फिर वह अपने वरीय अधिकारियों के दिशा निर्देश पर ही कार्यवाही करने का मन बनाकर कुर्सी पर बैठे है।

जानकारी मिली है कि विधुत विभाग कि तर्ज पर दमण के ओ-आई-डी-सी विभाग द्वारा भी अलकेम इंडस्ट्रीज को एक नोटिस दिया गया था। नोटिस था सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले में। दरअसल अलकेम इंडस्ट्रीज कि पाइप लाइन ओ-आई-डी-सी कि जमीन से होकर गुजरती है ओर इस पाइप लाइन के अतिक्रमण को हटाने के लिए, अलकेम इंडस्ट्रीज को ओ-आई-डी-सी काफी पहले नोटिस जारी कर चुकी है, अतिक्रमण हटाने के लिए ओ-आई-डी-सी ने अलकेम इंडस्ट्रीज को 31 मार्च 2019 तक का समय दिया था, समय तो निकल गया लेकिन अतिक्रमण अब भी वही है। अब इसका कारण क्या है ओर समय पर सरकारी जमीन से अतिक्रमण क्यो नहीं हटाया गया? इसकी तो प्रशासन को सतर्कता विभाग से जांच करवानी चाहिए। ताकि पता चल सके कि ऐसे ओर कितने नोटिस है जिनहे जारी कर अधिकारी उन पर कार्यवाही करना भूल गए है?

क्या कर रहे है तलाटी, सर्कल ओर मामलतदार?
वैसे ओ-आई-डी-सी के महाप्रबंधक का प्रभार, दानिक्स अधिकारी चार्मी पारिख के पास है। दानिक्स अधिकारी चार्मी पारिख के पास एकसाइज़, लेबर, वेट, जीएसटी विभाग के उपायुक्त का प्रभार भी है इतना ही नहीं, दमण के भूमि ओर राजस्व विभाग के उपसचिव का प्रभार भी चार्मी पारिख के पास है। ऐसे में चार्मी पारिख को इस मामले कि जानकारी ही नहीं यह तो असंभव सी बात है। ऐसे भी यह सवाल उठना भी लाज़मी है कि क्या केवल ओ-आई-डी-सी विभाग में दानिक्स अधिकारी चार्मी पारिख द्वारा लापरवाही बरती जा रही है या अन्य विभागो का भी यही हाल है? समय रहते प्रशासक को इस मामले में एक जांच कमिटी गठित कर जांच करवानी चाहिए।

जमीन पर अतिक्रमण मतलब जमीन पर कब्ज़ा, कब्ज़ा हटा दिया पर क्या किसी दण्ड या जुर्माने का प्रावधान नहीं है?
यह तो तह है कि अलकेम इंडस्ट्रीज ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया, कब्ज़ा किया, सरकारी जमीन का इस्त्माल किया ओर करोड़ों कि कमाई कि, सब स्टेशन वाले मामले में अतिक्रमण हटा दिया गया, ओर पाइप लाइन वाले मामले में भी आज नहीं तो कल अतिक्रमण हटा दिया जाएगा, लेकिन क्या कोई सालों तक सरकारी जमीन का मुफ्त में इस्त्माल कर सकता है? क्या सरकारी जमीन के इस्त्माल पर कोई जुर्माना वसूलने का प्रावधान नहीं है? प्रशासक को इस सवाल के बारे में सोचना चाहिए ओर संबन्धित विभाग के अधिकारियों को सरकारी जमीन के इस्त्माल पर जुर्माने के बारे में जानकारी हासिल कर नियमानुसार ऐसी कठोर कार्यवाही ओर भारी जुर्माना लगाना चाहिए ताकि आगे चलकर आने वाले समय में कोई अन्य ओधोगिक इकाई सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर अपनी तिजोरी भरने का काम ना करें।

यह भी पता लगाना चाहिए
किस विभाग द्वारा कितने नोटिस जारी किए गए?
कितने नोटिसों पर कार्यवाही करनी बाकी है?
जिन नोटिसो पर कार्यवाही करनी बाकी है उन मामलो में कार्यवाही में देरी का कारण क्या है?

सर्वे नंबर 166
दमण के राजस्व विभाग कि वेबसाइट पर, दमण के औद्योगीक क्षेत्र में स्थित उन भूमि के सर्वे नंबर कि जानकारी ओर लिस्ट है जो सरकारी है ओर खाली पड़े है। उक्त सूची में 1 सर्वे नंबर दाबेल का है। सर्वे नंबर 166 उक्त भूमि का क्षेत्रफल है 10900 स्क्वेयर मीटर, उक्त जमीन का भी एक बार भूमि और राजस्व विभाग के अधिकारियों को सर्वे कर लेना चाहिए।

जिस इकाई के संचालक ने नियमो कि परवाह किए बिना सरकारी जमीन पर कब्ज़ा कर रखा है, उस इकाई के संचालक क्या नियमानुसार दवाईयों का उत्पादन करते होंगे? क्या नियमानुसार टैक्स अदा करते होंगे, या दवाईयों के उत्पादन ओर टैक्स संबन्धित मामलो में भी उक्त इकाई के संचालक नियमों को धत्ता रहे है? अब इसकी जांच भी आवश्यक।
अलकेम इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अब तक टैक्स संबन्धित मामलो में कितनी गड़बड़ियाँ की, कितने घोटाले किए, भारत सरकार को कितने करोड़ का चुना लगाया इसका सच अभी जनता के सामने आना बाकी है।

अनियमितताओं ओर घोटालों का अंबार अलकेम में, जांच करे तो निकल सकता है करोड़ों कि टैक्स चोरी का घोटाला।
अलकेम में, अनियमितताओं ओर घोटालों का अंबार, जांच करे तो निकल सकती है करोड़ों की टैक्स चोरी!

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