दादरा नगर हवेली की राजनीति में किसी ने नहीं सोचा था की इतने कम समय में प्रभु टोकिया को इतनी लोकप्रियता मिलेगी। प्रभु टोकिया का जन संपर्क अभियान अब धीरे धीरे परिणाम दिखा रहा है। दादरा नगर हवेली के बड़े राजनेताओं की फेहरिस्त में अब प्रभु टोकिया का नाम भी शामिल किया जा रहा है। जनता भी प्रभु टोकिया की उम्मीदवारी पर चर्चा कर रही है। जहां एक तरफ सोशल मीडिया में प्रभु टोकिया के चर्चे है तो वही दूसरी तरफ़ जनता में चर्चा है की दादरा नगर हवेली लोक सभा सीट से कांग्रेस से प्रभु टोकिया उम्मीदवारी कर सकते है।
प्रभु टोकिया की कांग्रेस से उम्मीदवारी को लेकर चर्चे, नटु पटेल की जीत ही नहीं बल्कि भाजपा की टिकिट में भी रोड़ा बनती नज़र आ रही है। ऐसा इस लिए क्यो की यदि प्रभु टोकिया को कांग्रेस से टिकिट मिल गया और मोहन डेलकर ने कांग्रेस का दामन छोड़, भाजपा से टिकिट प्राप्त कर लिया, तो नटु पटेल का पुनः संसद पहुँचना एक सपना ही रह जाएगा।
कही मोहन डेलकर का राजनीतिक अनुभव उन्हे धोका ना दे दे? कही ऐसा ना हो जाए की मोहन डेलकर से प्रभु टोकिया कांग्रेस की टिकिट छिन ले और भाजपा भी नटु पटेल को ही टिकिट दे दे? राजनीति में कब किसका पलड़ा भरी हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता, असल में होगा क्या समय आने पर ही पता चलेगा।
ऐसे चर्चे इस लिए भी है क्यो की मोहन डेलकर को राजनीति का मँझा हुआ खिलाड़ी माना जाता है और काफी लम्बे समय से मोहन डेलकर कांग्रेस से दूरी बनाए हुए है अभी कुछ समय पहले वलसाड जिले में राहुल गांधी की एक सभा थी उस सभा में भी जब मोहन डेलकर शामिल नहीं हुए तो जनता में यह चर्चा और तेज़ होने लग गई की मोहन डेलकर शायद कांग्रेस से चुनाव नहीं लगेंगे, वही प्रभु टोकिया की कांग्रेस से बढ़ती नज़दीकिया और राहुल गांधी तथा अन्य कांग्रेसी नेताओं से मुलाक़ात भी अब यही इशारा करती है की प्रभु टोकिया की कांग्रेस में एंट्री पक्की है। वैसे आधिकारिक तौर पर अभी तक कांग्रेस की और से प्रभु टोकिया का नाम दानह लोक सभा उम्मीदवार के लिए घोषित नहीं हुआ है, वही भाजपा ने भी अभी तक आधिकारिक तोर पर उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया है, फिलवक्त चौपालों पर चर्चाओं का बाजार गर्म है और इस गर्मी की वजह से दानह के कई नेता पसीना पसीना है। शेष फिर।

