सरकार को चुना लगाकर, लंदन जाने की तैयारी।

  • टेण्डर निकालने से पहले ही करवा दिया ठेकदार से काम।
  • ठेकेदार के साथ अभियंता भद्रेश की कैसी भागीदारी? क्या कनिय अभियंता के साथ साथ अन्य अभियंता भी इस मामले में शामिल?

दमन लोक निर्माण विभाग में घोटाले पर घोटाले कर रहे है अभियंता, टेण्डर नोटिस संख्या 49/2014-2015 में जिन कार्यों के लिए टेण्डर प्रकाशित किया गया है, उसमे से कई कार्य तो टेण्डर प्रकाशित होने से पूर्व ही कार्य करवा दिए गए।

दमन लोक निर्माण विभाग के पैसों का बंदरबांट कहे या वरीय अधिकारियों द्वारा खुली छूट का अंजाम? इस विभाग में का एक टेण्डर नोटिस व इस मामले से संबंधित घोटाले से संबंधित जब क्रांति भास्कर ने यह काम करवा रहे अभियंता भद्रेश राणा से कार्यों के बारे पूछा तो भद्रेश राणा ने यह पूरा मामला वरीय अधिकरियों पर डाल दिया, कनिय अभियंता भद्रेश राणा का कहना है इस टेण्डर में दिया गया कुछ काम तो टेण्डर निकालने के पहले ही हो गया, लेकिन यह सब तो बड़े शाहब की इच्छा से हुआ है, जब इस मामले में क्रांति भास्कर ने कार्यपालक अभियंता गोपाल जादव से पूछा की बिना टेण्डर कैसे काम हो गया तथा ऐडवांस वर्क की किसने मंजूरी दी, तो कार्यपालक अभियंता ने कहां इस मामले में मुझे कोई जानकारी नहीं है, शायद प्रशासक महोदय आशिस कुंदरा ने ऐडवांस कार्य करवाने के लिए कहां होगा, लेकिन जब कार्यपालक अभियंता से यह पूछा गया की क्या प्रशासक को अधिकार है इस प्रकार ऐडवांस कार्य करवाने का तो कार्यपालक अभियंता अपने बयान से पलट गए की प्रशासक ने नहीं कहां भद्रेश ने अपनी मनमानी से यह कार्य करवा दिए होंगे।
इस पूरे मामले में कनिय अभियंता भद्रेश राणा एवं सहायक अभियंता मयंक राणा की मानमानी सामने आ रही है। बताया जाता है कनिय अभियंता भद्रेश पिछले कई वर्षों से सरकारी भवनों में कई घोटाले करते आ रहे है, फिर चाहे वह फर्नीचर के नाम पर हो या इलेक्ट्रॉनिक्स या कोई छोटी मोटी मरम्मत, भद्रेश राणा अपने जान पहचान के ठेकेदारों से काम करवाकर अपना हिस्सा ले लेते है एसी जानकारी सामने आ रही है, वहीं इसके आलावे भी कई जगहों पर विकास कार्यों के नाम पर पुराने सामान की मरम्मत कर उसी को विभाग में पुनः स्थापित करने के मामले भी बताए जाते है, एवं ज्यादातर घोटाले सरकारी भवन एवं इमारतों के नवीनीकरण तथा रखरखाव में किए गए है ऐसा बताया जाता है।
इसके आलावा यह भी बताया जाता है की कनिय अभियंता भद्रेश ने विभाग में करोड़ों का घोटाला किया है और अब जब की उक्त अभियंता का घर भर गया तो वह विभाग को छोड़ लंडन जाने की तैयारी में लग गए है, बताया यह भी जाता है की इस अभियंता के साथ साथ सहायक अभियंता मयंक राणा की भी घोटालों में सहभागिता है, अब इस मामले की सत्यता को सामने लाने हेतु प्रशासक इस मामले के अलावे पूर्व में हुए घोटालों की जाँच करेंगे या नहीं यह देखने वाली बात होगी।