PWD का प्रशासन के पास एक ही विकल्प “भोया”।

Silvassa-PWD
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अब तक तो दानह विनोबाभावे अस्पताल के डाक्टर दास के बारे में ही यह कहा जाता था कि उनके अलावा दानह प्रशासन के पास किसी और अधिकारी को नियुक्त करने का विकल्प ही नहीं है, लेकिन अब दानह के एक और अधिकारी का नाम जनता कि उस लिस्ट में जुड़ गया है जिस लिस्ट में ऐसे अधिकारियों का नाम शामिल है जिन पर प्रशासन ना ही जांच करता है, और ना ही तबादला करता है, बल्कि इतने प्रभार और विभाग उन अधिकारियों को देकर बैठा है जैसे कि प्रशासन के पास ना तो कोई और काबिल अधिकारी हो और ना ही प्रशासन के पास कोई और विकल्प!

अब बात करते है उस दूसरे नाम कि जिसका विकल्प जनता कि नजर में प्रशासन के पास नहीं है, अब तक तो इस मामले में डाक्टर दास का ही नाम था जिनके पास विनोबाभावे अस्पताल के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग के कई प्रमुख पदों का कार्यभार है लेकिन अब दानह लोक निर्माण विभाग के खंड-1 तथा खंड-2 के अभियंता एस-एस भोया को भी जनता उसी नजर से देखने लगी है जिस नजर से डाक्टर दास को देखा जा रहा है और तो और एस एस भोया के लिए भी यह बताया जा रहा है कि उनके अलावे शायद प्रशासन के पास लोक निर्माण विभाग संभालने के लिए कोई दूसरा काबिल अधिकारी ही नहीं है।

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वैसे तो संध प्रदेश में ना ही अधिकारियों कि कमी है ना ही विभागों कि, और अगर इसके बाद भी प्रशासन को आज अधिकारियों कि कमी महसूस होती है तो उसका खामियाजा जनता क्यों भुगते, क्या पूर्व में काम करने वाले वरीय अधिकारियों को नहीं पता था कि आने वाले समय में अधिकारियों कि कमी खलेगी, क्या पूर्व के अधिकारियों इस बात का अहसास नहीं था कि वरीय अधिकारियों के रिटायरमेंट के बाद उन विभागों कि जिम्मेवारी किसे दी जाएगी ? शायद इस बात का आंकलन पूर्व में नहीं किया गया अन्यथा दानह प्रशासन पर इस तरह से सवाल आज ना उठते।

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संध प्रदेश प्रशासन के मुख्या एवं प्रशासक को जब इस मामले में जब यह जानकारी दी गई तो उन्होने बताया कि इस मामले का कार्यभार विकास आयुक्त के पास है इस लिए इस मामले कि जानकारी विकास आयुक्त को दी जाए। अब विकास आयुक्त को इस मामले कि जानकारी मिलने के बाद इस मामले में विकास आयुक्त क्या कार्यवाई करते है यह देखने वाली बात है। शेष फिर।

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तो यह यह विभाग है भोया के पास।

01 इमारती खंड- सहायक अभियंता

02 इमारती खंड- कार्यपालक अभियंता

03 सड़क निर्माण खंड- कार्यपालक अभियंता

04 प्रोजेक्ट-सेल – कार्यपालक अभियंता

वैसे यह भी बाते है चर्चा में…

कई प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि आखिर इन मामलों में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा सांसद नट्टू पटेल और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष क्यों कुछ नहीं बोलते ? क्या उन्हे इस बात का ज्ञान नहीं कि एस एस भोया के पास कितने विभागों का कार्यभार है और डाक्टर दास के पास कितने विभागों का कार्यभार है ? या उनकी भी प्रशासन के सामने आवज़ तो निकलती है लेकिन निराकरण नहीं निकलता!