धर्म और समाज को गाली देकर, दानह प्रदेश की एकता को खंडित ना किया जा सकता: सुधीर रमण पाठक

धर्म और समाज को गाली देकर, दानह प्रदेश की एकता को खंडित ना किया जा सकता: सुधीर रमण पाठक | Kranti Bhaskar
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दानह प्रदेश का माहौल अनेकता में एकता का परिचय देता है, यहां देश के विभिन्न राज्यों से लोग आकर अपना गुजर बसर करते है, परंतु विभिन्न राज्यों से आये हुए लोगो को सार्वजनिक तौर खुले मंच से धर्म और समाज के नाम पर यदि गाली दिया जाता है और बुरा भला कहा जाता है तो यह काफी चिंता का विषय है! दादरा नगर हवेली में आदिवासी एकता परिषद का एक स्वयम्भू नेता इन दिनों अपनी राजनीतिक रोटी सेकने में लगा हुआ है, गांव-गांव में घूमकर आदिवासी भाइयों के मन मे प्रांतवाद की जहर घोलने की नाकाम कोशिस कर रहा है। उस स्वयम्भू नेता का व्यक्तित्व इतना बड़ा हो गया है कि वह हमारे जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासन का भी अपमान करने में तनिक भर भी देर नही लगाता।शायद वो दिखाना चाहते है कि दादरा नगर हवेली हमारा है, हम जो चाहेंगे वो करेंगे, वही दूसरे प्रदेश से आये हुए लोग अपने खून पसीने बहाकर कमाते है और प्रदेश के विकास में सहभागी बनते हैं, वे इस भूमि को अपना कर्म भूमि समझते हैं। ये प्रदेश सभी जाति वर्ग समुदाय का है, इसलिए धर्म और समाज के नाम पर जहर घोलने की कोशिश ना किया जाए ऐसा इस मामले की सत्यता को जानने के बाद दानह के सुधीर रमण पाठक ने कहाँ है।

20 जून को नही बंद किया जाएगा दादरा नगर हवेली

इस मामले में सुधीर रमण पाठक का कहना है कि, जो व्यक्ति परप्रांतियों के सभी समाज को गाली देता है, खुलेआम बुरा भला बोलता है उसका समर्थन हम कभी नही कर सकते है। इनकी मानसिकता आप स्वयं समझ सकते है, जिसको गाली दे रहे है तथा जिसके लिए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे है उसी से बंद का समर्थन भी मांग रहे है। यह कैसी राजनीति है! ऐसे व्यक्ति का समर्थन हरगिज नही करना चाहिए  स्वयम्भू नेता को अपनी ओछी मानसिकता का परिचय देना बंद करना चाहिए। सुधीर रमण पाठक का मानना है कि जनता सबके मनसूबे से भलीभाति परिचित है तो ऐसे असामाजिक तत्वों का समाज से वहिष्कार करना चाहिए। वैसे पुलिस जनता के साथ है एवं जबरदस्ती बंद गुनाह है जनता की शिकायतों के लिए प्रशासन के द्वार भी खुले है किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए जनता 100 नंबर पर संपर्क कर सकती है!

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क्या है मामला

संघ प्रदेश दानह में शोसियल मीडिया पर वायरल होता हुआ और मार्केट में बट रहा पाम्पलेट के अनुसार 20 जून को आदिवासी एकता परिषद के द्वारा बंद का आह्वान किया गया है । इसमें लिखा शब्दो के अनुसार एस. पी. दराडे के द्वारा मातृत्व अपमान के विरोध में बंद बुलाया गया है। इस विषय पर हमनें एस. पी साहब से बात किया तो उन्होंने हमें जानकारी दिया कि 2 अप्रैल को शोसियल मीडिया पर दो लोगों ने आदिवासी के खिलाफ अभद्र कॉमेंट किया था उसकी लिखित शिकायत आदिवासी एकता परिषद के लोग ले कर पुलिस हेडक्वाटर आये थे, शिकायत के आधार पर दोनों आरोप के मामले की छान बिन कर मामला दर्ज हुआ और तुरंत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश भी किया गया था, अब मामला कोर्ट में चल रहा है। इस पर वे लोग फिर यहां आये थे और उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी के ऊपर सही कार्यवाही नहीं कर रही है ।

एस पी साहब का कहना है कि शिकायत के अनुरूप उन्होंने एफ. आई.आर.दर्ज किया , धारा लगाया आरोपी को गिरफ्तार भी किया है और आगे चार्ज शीट करते समय एवं कोर्ट में भी गुनाह के ऊपर धारा लग सकता है । इसी बात को उनको समझाया गया परंतु उनका कहना है कि आप लोग कार्यवाही नहीं किये।  एस पी ने उनको इसकी जानकारी दिया और कहा कि अब भी अगर उनकी शिकायत है तो वह ऊपर शिकायत ले कर जा सकतें हैं। महिलाओं के अपमान की बात को अस्वीकार करते हुए उन्होंने बताया कि हमारे पास जो भी महिला या पुरुष शिकायत ले कर आतें हैं उंसके बातों को शांति पूर्वक सुनते हैं और उसपर उचित कार्यवाही करते हैं, कभी भी हम अभद्र व्यवहार किसी के साथ नहीं किये हैं।  वर्तमान एस पी श्री दराडे के लिए दानह के तमाम जनता ने भी उनके स्वभाव के लिए तारीफ किया है। दानह जनता का मानना है कि वह  कभी भी किसी के साथ अशांति पूर्वक या अभद्र बात नहीं करते हैं।

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बंद के विषय में एस पी साहब ने बताया है कि जबरदस्ती बंद करना गुनाह है । हम जनता के साथ हैं अगर किसी के साथ कोई जबरदस्ती बंद कराने की कोशिश  करता है या मार पीट करता है तो तुरंत 100 नंबर पर डायल कर इसकी सूचना पुलिस को दे सकते हैं । पुलिस उचित कार्यवाही करेगी।

दानह का व्यपारी संगठन 20 जून को बंद न कराने का अपील  दानह कलेक्टर और एस पी को ज्ञापन दे कर किया है व्यापारी संगठन का कहना है कि वैसे ही पावर कट और मंदी की मार झेल रहा व्यपारी परेशान है 20 जून को बंद, फिर 25 को बंद उनकी आर्थिक स्थिति खराब बनती जा रही है । दुकान बंद करने से दानह में लोगों के ऊपर और आर्थिक परेशानी का बोझ पड़ेगा इसलिए वह दुकाने खुली रखेंगे इसके लिए जनता को पुलिस मदद करें।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि किसी भी उपद्रवी लोगों के खिलाफ पुलिस कड़ी से कड़ी कार्यवाही कर सकती है। इसके लिए 100 नम्बर को डायल करें यह हमेशा आपकी सेवा में हाजिर है।  आदिवासी विकास संगठन ने एस. पी. पर लगाया गया आरोप को निराधार और झूठा बताया है।  वर्तमान एस.पी. पिछले एक साल से निष्ठावान पूर्वक और निस्पच्छ कार्य करते रहे है।