इस बार किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे, और अगर जीते तो किसे समर्थन देंगे?

Vasu-&-Navin
Vasu-&-Navin

दमन जिला पंचायत के चुनाव आने वाले है, और दमन की जनता में यह चर्चा चल रही है कि, इस बार चुनाव में नवीन पटेल किस और से हिस्सा लेंगे या हिस्सा लेंगे भी या नहीं? क्यों कि, पूर्व में हुए चुनावों में नवीन पटेल भले-ही भाजपा के नेतृत्व में चुनाव लड़कर जीत हांसील की, लेकिन उनका समर्थन तो कांग्रेस के नेता केतन पटेल को था, भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीतने वाला यह पहला नेता होगा जिसने भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीत कर भी, जिला पंचायत में कांग्रेस की सरकार बनाई। जिसके चलते कांग्रेस के केतन पटेल जिला पंचायत के अध्यक्ष बन गए और भाजपा के नवीन पटेल उपाध्यक्ष।

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लेकिन इस बार क्या होगा? और नवीन पटेल किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे और अगर जीत हासिल हुई तो किसे सार्थन देंगे यह तो समय बताएगा, लेकिन नवीन पटेल की पूर्व की राजनीति अवश्य उनकी राजनीति पर सवाल खड़े कर रहे है।

अब तक तो नवीन पटेल का समर्थन कांग्रेस को है तो क्या वह अब भी भाजपा में है और आगे भी भाजपा में रहेंगे…?

भले-ही नवीन पटेल ने पूर्व में कांग्रेस को समर्थन दिया हो लेकिन वह समर्थन तो अब भी जारी है, कांग्रेस को समर्थन देने के बाद भी वह भाजपा में कैसे रहे इस सवाल का जवाब तो भाजपा को ही देना चाहिए, लेकिन वास्तव में अगर नवीन पटेल की राजनीतिक भूमिका का विश्लेषण किया जाए तो यह दमन के ऐसे पहले नेता है जिन्होने कांग्रेस को समर्थन देने के बाद भी भाजपा का पल्ला नहीं छोड़ा और न हीं कभी भाजपा ने इसका विरोध किया।

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बताया जाता है कि, इस बार दल-बदलू कानून होने के कारण अधिकतर सत्ता के लालची निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना रहे है, ताकि चुनाव जीतने के बाद उनका जहां मन हो उस नाव में बैठ कर जनता को चुना लगा दे, लेकिन इस मामले में दमन की भाजपा और कांग्रेस क्या भूमिका निभाएगी और किसे किसे इस चुनाव में शामिल करेगी यह तो समय आने पर ही पता चलेगा।

जो पूरे देश में नहीं हुआ वह दमन में हो गया। भाजपा ने कांग्रेस को समर्थन दिया, तो कांग्रेस ने भाजपा को आधी कुर्सी दे दी।
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