भांगार के कारोबार में बड़ी-बड़ी हस्तियां…..

संध प्रदेश दमन में इकाइयों की अनियमितताओं तथा टैक्स चोरी को लेकर प्रशासन को किसी नई पहल करने की आवश्यकता है, पूर्व में दमन में अवैध गैस आपूर्ति को लेकर किए गए खुलासे से दमन प्रशासन को सचेत रहने की जरूरत है, यहाँ की इकाइयों में बरती गई अनियमितताओं पर संज्ञान लेने की जरूरत है। हालांकि संध प्रदेश दमन संज्ञान के नाम पर वेट विभाग सबसे पीछे देखी गई, वेट विभाग में अधिकारियों की कमी उक्त मामले में मुख्य कारण बताई जाती है।

ज्ञात हो कि संध प्रदेश में स्थित इकाइयों में अब तक सबसे अधिक अनियमितताएँ फैलाने वाली इकाई वेलनोन पॉलिएस्टर लिमिटेड साबित होती दिख रही है, उक्त इकाई की अनियमिताओं पर प्रशासन को अंकुश लगाने की आवश्यकता है। उक्त इकाई से जुड़े कुछ नई मामले सामने आई है। संध प्रदेश दमन की वेलनोन इकाई की अनियमितताओं को लेकर एक नया मामला सामने आया है। पूर्व में इस इकाई की गैसलाइन को लेकर कई मामलों में इकाई की अनियमितताएँ सामने आई और एक्साइज विभाग द्वारा संज्ञान लेकर, उक्त इकाई की अवैध गैस लाइन बंद कारवाई गई।

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फिलवक्त उक्त इकाई से जुड़े भंगार के सामान और भंगार के कारोबार को लेकर कुछ चोकाने वाली बाते सामने आई है, बताया जाता है उक्त इकाई से करोड़ों रुपए का भंगार बिक्री किया जाता है, तथा उक्त भंगार के कारोबार में, दमन कांग्रेस के पूर्व सांसद के पुत्र तथा वलसाड जिला भाजपा अध्यक्ष तथा पारडी विधायक के दामाद तुषार देशाई, तथा एक उत्तरभारतीय जीतेश जैसवाल के तार जुड़े बताए जाते है।
हालांकि उक्त मामले में सूत्रों का कहना है कि करोड़ों रुपए के भंगार के साथ साथ, तथा भंगार के नाम पर इकाई का अच्छा तथा कर चोरी वाला सामान भी बाहर निकाला जाता है, तथा इस अवैध कारोबार में कंपनी के कुछ कर्मचारियों की भी भागदारी बताई जाती है।
उक्त मामले में भंगार तथा भंगार के नाम पर टैक्स चोरी कर, कंपनी का अच्छा माल बाहर निकालने की बातों से यह तो साफ हो गया की उक्त इकाई की नियमितताओं की फेहरिस्त काफी लंबी है, हालांकि उक्त भंगार के कारोबार में भी टैक्स चोरी की आशंका जाहीर की जा रही है। एक्साइज विभाग, वेट विभाग और आयकर विभाग को उक्त मामले में कंपनी तथा भंगार के ठेकेदार की जांच करने की आवश्यकता है। क्रांति भास्कर की खोज-बिन उक्त मामले में जारी है, जल्द उक्त भंगार के कारोबार तथा इकाई से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर अन्य खुलासे करेगी। शेष फिर।