वापी के प्रदूषण का ऐसा नज़ारा इससे पहले आपने नहीं देखा होगा…

वापी एक ओधोगिक नगरी के साथ साथ अब एक प्रदूषित नगरी के रूप में भी जाना जाने लगा है, वापी तथा वापी के आस पास अनगिनत भारी प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयां है।

वापी के प्रदूषण का ऐसा नज़ारा इससे पहले आपने नहीं देखा होगा…

वैसे तो इन तमाम इकाइयों पर नज़र रखने के लिए गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी दिन-रात लगे रहते है लेकिन इसके बाद भी उधोगपति प्रदूषण फैलाने से बाज़ नहीं आते, समय समय पर कई उधोगों को क्लोज़र नोटिस भी जारी किया जाता रहा, लेकिन इसके बाद भी मामला ढांक के तीन पात साबित हुआ।

क्रांति भास्कर द्वारा लिया गया यह वीडियो गुजरात के साथ साथ केंद्रीय प्रशासन के भी होश उड़ा देगा….

दिनांक 05 सितंबर 2017 को शाम 5 बजे क्रांति भास्कर ने वापी दमन गंगा नदी में छोड़े जा रहे प्रदूषित जल का एक वीडियो लिया। इस वीडियो को देखने बाद लगता है की प्रदूषित पानी को शुद्ध करने वाली मशीने या तो बेकार हो गई है या उन्हे केवल कागजो पर ही चालू दिखाया जा रहा है, क्यों की इस वीडियो को देखने के बाद शायद ही कोई यह विश्वास करें की वापी की इकाइयां नियमानुसार पर्यावरण संबधित नियमों का पालन करती है, और प्रवाह उपचार संयंत्र यानि की Effluent treatment plant चालू रखती है।

यदि ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध करने के बाद यह आलम है तो बिना शुद्ध किए पानी का हाल क्या होगा…

ये भी पढ़ें-  वलसाड एन.सी.पी. की टीम ने प्रभारी प्रफुल पटेल से की मुलाकात

हालांकि क्रांति भास्कर ने दमन गंगा नदी के पास वापी के आम प्रचलित उपचार संयंत्र द्वारा यानि Common Effluent Treatment Plant द्वारा छोड़े जा रहे प्रदूषित जल का जो वीडियो लिया है उस वीडियो को देखकर यह तो कोई नहीं बता सकता की यह गंदा और जहरीला पानी वापी की किस कंपनी का है लेकिन बड़े ताज्जुब की बात है की कंपनी द्वारा प्रदूषित पानी छोड़े जाने के बाद वह प्रदूषित पानी पहले Common Effluent Treatment Plant में आता है इसके बाद जब Common Effluent Treatment Plant द्वारा पानी को शुद्ध कर लिया जाए, तब उक्त पानी को दमन गंगा नदी में छोड़ा जाता है। लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद शायद ही कोई यह कहे की Common Effluent Treatment Plant द्वारा पानी शुद्ध करके छोड़ा जा रहा है।  

Common Effluent Treatment Plant Vapi industrial pollution Common Effluent Treatment Plant Vapi industrial pollution

नदी की महानता को कैसे तार-तार किया जा रहा है देखिए जरा इस वीडियो में…

इस देश में नदियों को जो महान दर्जा दिया जाता है उस दर्जे की कैसे धज्जियां उड़ाई जा रही है वह आप इस वीडियो में अच्छी तरह देख पाएंगे, यह वही दमन गंगा नदी है जो वापी से दमन होकर समंदर में जा मिलती है, लेकिन समंदर में मिलने से पहले इसका यह हाल किया जाएगा यह इसको भी कहां पता होगा, यह वही दमन-गंगा नदी है जहां समय समय पर धार्मिक पुजा अर्चना होती है इसी जल में कई विधवान आत्माओ की अस्थीय विसर्जित होती रही है और होती रहेंगी, अभी अभी गणपती विसर्जन का त्योहार भी बड़ी धूम धाम से मनाया गया, इसी दमन गंगा नदी के प्रदूषित पानी में गणपती का विसर्जन किया गया, अब जरा सोचिए की इसी प्रदूषित जल में गणपती को जाते कैसा लगा होगा।

ये भी पढ़ें-  मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ थाने में की शिकायत

जल-जीवो की निर्मम हत्या का ज़िम्मेवार कोन?

यह मामला जितना भावना का है उतना ही जीवन का भी है क्यो की नदी में जो लाखो जीव रहते है उनकी निर्मम हत्या इसी प्रदूषण से होती है, अब उस हत्या का पाप प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के सीर पर या उन सरकारी अधिकारियों के सीर पर जो सब कुछ जानते हुए भी खामोश बैठ अपनी तिजोरिया भरने में लगे है?

क्या अब तक केवल फर्जी रिपोटे ही बनती रही? क्यो की कागजो पर तो यह आलम नहीं जो वीडियो में है?

इस पूरे मामले को देखने के बाद लगता है की गुजरात सरकार, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री तथा मंत्रालय के अधिकारियों को भी वापी की इकाइयों द्वारा छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी तथा दमन-गंगा नदी के प्रदूषण की सही तथा वास्तविक रिपोर्ट नहीं मिलती। या फिर वापी की इकाइयों द्वारा छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी को शुद्ध दिखाकर फर्जी रिपोर्ट और फर्जी नमूने तैयार किए जाते रहे है जिसके चलते सरकार यहां के हालत से अब तक रु-ब-रु नहीं हो पाई, ऐसा भी हो सकता है की वापी की इकाइयों द्वारा छोड़े जा रहे प्रदूषण के बारे में कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को पता हो, लेकिन भ्रष्टाचार की टेप ने उनकी आखे और जुबान को बंद करके रखी हो।

ये भी पढ़ें-  वापी नगरपालिका की सामान्य सभा ३० अप्रैल को आयोजित की जायेगी

कई बड़े नाम, पूरा खुलासा जल्द…   

हालांकि इस मामले में बड़े भ्रष्टाचार और मिली भगत को लेकर, क्रांति भास्कर के सामने कुछ बड़े नाम आए है और लम्बे समय से मामले की तह तक जाने के लिए क्रांति भास्कर वापी की इकाइयों द्वारा छोड़े जा रहे प्रदूषित जल तथा संबन्धित विभागो एवं विभागीय अधिकारियों पर अपनी पेनी नज़र रखे हुए है क्यों की इस मामले में कई बड़े नाम है तो मामले का पूरा तथा आगे का खुलासा करने से पहले क्रांति भास्कर उन तमाम नामों की सत्यता पर पड़ताल करना मुनासिब समझती है जल्द इस मामले में क्रांति भास्कर उन तमाम नामों का पूरा खुलासा करेगी जो इस मामले में शामिल है। शेष फिर