वापी चला में स्थित फॉर्च्यून स्कवेर कि एक बिल्डिंग में, एसबीआई बेंक, सिनेपार्क ( सिनेमा घर ) है वही दूसरी बिल्डिंग के 3 फ्लोर में आयकर विभाग के कार्यालय है। उक्त दोनों बिल्डिंगों के निर्माण में भारी अनियमितताएँ देखने को मिली है ओर लगता है कि उक्त इमरते निर्माण नियमो का उलंधन कर बनाई गई है। उक्त दोनों बिल्डिंगों के पास एक नाला है, बिल्डर द्वारा उक्त बिल्डिंग बनाने के समय उक्त नाले कि चौड़ाई को अपनी सुविधानुसार कम कर दिया, जिससे पिछले मानसून में सड़क पर बारिश का पानी भारी मात्रा में जमा होने लगा ओर सड़क के साथ साथ जनता को भी इसका नुकसान भुगतना पड़ा। उक्त इमारते बनने से पहले नाले कि चौड़ाई कितनी थी ओर इमरते बनने के बाद नाले कि चौड़ाई कितनी रह गई इसकी जांच अब वापी नगर पालिका के मुख्य अधिकारी को करनी चाहिए।
वही जिस बिल्डिंग में सिनेमा घर है उस बिल्डिंग में केवल 4 व्यक्तियों कि क्षमता वाली लिफ्ट लगी है, बिल्डिंग कि खिड़ियों पर कोई ग्रिल भी नहीं है, जिस मंजिल पर सिनेमा घर है उस मंजिल पर निर्माणाधीन इमारतों की खुले छत पर भी किसी प्रकार के कोई दरवाजे खिड़कियाँ नहीं है, अब ऐसे में यदि कोई हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेवारी किसकी होगी? फायर सेफ़्टी सिस्टम भी उक्त इमारत में कही दिखाई नहीं देता, ऐसा लगता है बिल्डर ने कई निर्माण नियमो का उकर उक्त इमारत का निर्माण किया है।
https://www.readwhere.com/read/c/40667828
वही जिस इमारत में TBZ है ओर आयकर विभाग के कार्यालय है उस इमारत में विधुत पेनल, बोर्ड, स्विच ओर वायर ऐसे खुले में लटक रहे है जैसे किसी को मौत का न्योता दे रहे हो, तसवीरों में आप साफ साफ देख सकते है कि बाहर से खूबसूरत दिखने वाली इस इमारत का सच अंदर से क्या है। इसी इमारत में आयकर विभाग के कार्यालय है यहां आम जनता का आना जाता लगा रहता है ऐसे में किसी ने वायर को छु लिया ओर उसकी जान चली गई तो उसका ज़िम्मेवार कोन होगा? वलसाड के जिला समाहर्ता को सरकार द्वारा पास किए गए प्लान के साथ उक्त इमारत का निरक्षण करना चाहिए ताकि पता चल सके कि उक्त बिल्डर ने कितने नियमो को धत्ता बताया ओर कितने फुट का नाला चोरी किया।



