वापी में 80 करोड़ की टैक्स वसूली के लिए 7 हजार को नोटिस

वापी में 80 करोड़ की टैक्स वसूली के लिए 7 हजार को नोटिस | Kranti Bhaskar

वापी नोटिफाइड अथॉरिटी का ब्याज सहित 97 करोड़ रुपए से अधिक का टैक्स बकाया है। टैक्स जमा न करने वालों में उद्योगपति और एक रुपए पर टोकन पर जमीन प्राप्त करने वाली संस्थाएं शामिल है। टैक्स का भुगतान करने पर रकम बढ़ है। नोटिफाइड बोर्ड की बकाया टैक्स के संदर्भ में हुई बैठक में चर्चा के बाद पहले चरण में 80 करोड़ की टैक्स वसूली के लिए 7 हजार बकाएदारों को नोटिस जारी किया गया है। सरकारी की टैक्स माफी योजना का लाभ लेने के लालच में टैक्स नहीं जमा कराया जाता है। अब नोटिफाइड बोर्ड टैक्स वसूली को लेकर एक्शन में है।
वापी पालिका की तुलना में वापी नोटिफाइड एरिया की स्थिति एकदम अलग देखने को मिल रही है। वापी नोटिफाइड एरिया में कई उद्योगपतियों पर करोड़ों रुपए का टैक्स बकाया है। हर साल टैक्स न भरने पर ब्याज सहित रकम सतत बढ़ रही है। उद्योगपतियों के साथ नोटिफाइड स्थित सेवा-संस्थाओं भी टैक्स बकायदारों की सूची में शामिल है। 31 मार्च 2018 तक 97 करोड़ रुपए टैक्स की वसूली बकाया है। कुछ दिन पहले मिली नोटिफाइड बोर्ड की बैठक में इस मामले पर गंभीरता से चर्चा हुई। बकायदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। जिसके पहले चरण में 80 हजार की टैक्स वसूली के लिए 7 हजार बकाएदारों को नोटिस जारी किया है। जिसमें बताया कि टैक्स न भरने वालों के खिलाफ गुजरात म्यूनिसिपल एक्ट 1963 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पानी कनेक्शन काटने की भी चेतावनी दी है।

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औद्योगिक संगठन ने टैक्स माफी के लिए लगाई गुहार
वापी जीआईडीसी के रवैया बाद वीआईए द्वारा सरकार से टैक्स माफी योजना के तहत राहत देने के लिए गुहार लगाई है। औद्योगिक इकाइयों पर करोड़ों का टैक्स बकाया है। जीआईडीसी के सूत्रों ने बताया कि सरकार द्वारा कोई ठोस पॉलिसी न बनाए जाने के कारण टैक्स की वसूली नहीं हो पा रही है। जिससे बकाया टैक्स की वसूली कब होगी यह सवाल उठ रहा है। जिसका फिलहाल जवाब मिलता नहीं दिख रहा है।