स्कूली बच्चो के वीडियो से खुली, आबकारी विभाग के निरीक्षक मिहिर जैसे माहिर खिलाड़ी की पोल!

tokarkhada school silvassa
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संध प्रदेश दादरा नगर हवेली में स्थित टोकरखाडा स्कूल के बच्चों का शराब पीते हुए एक वीडियो वायरल हुआ, इस वीडियो में स्कूली बच्चे, स्कूल यूनिफ़ोम में शराब पीते दिखाई दिए, इस वीडियो को जब न्यूज 18 टीवीचेनल पर दिखाया गया, तब दानह में एक प्रकार से खल-बली सी मच गईसभी इस ख़बर और वीडियो को देखकर तरह तरह की बाते करने लग गए और एक बार पुनः दानह प्रशासन के लापवाह अधिकारियों की वजह से दानह शर्मशार हो गया।

यह वीडियो बताता है की दानह में आबकारी नियमो का पालन नहीं हो रहा है। क्यो की स्कूल के बच्चो को शराब ना ही उनके माता पिता द्वारा दी गई होगी ना ही स्कूल प्रशासन द्वारा, फिर बच्चो को शराब मिली कहा सेकिस शराब विक्रेता ने ही बच्चो को शराब की बिक्री की है यह पता लगाना तो प्रशासन का काम है।

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वैसे स्कूल के आस पास कितने वाइन शॉप है? स्कूल परिसर से कितनी दूरी पर है? नियमो के तहत स्कूलअस्पताल, सरकारी कार्यालयो से न्यूनतम दूरी कितनी होनी चाहिएइस मामले में भी दानह समाहर्ता महोदय कोतत्काल जांच शुरू कर देनी चाहिए। बस खयाल रहे की जांच में समाहर्ता तथा आबकारी आयुक्त को आबकारी निरीक्षक गुमराह ना करेअब ऐसा क्यो कहा जा रहा है यह भी जान लीजिए।

मामला कुछ माह पहले का है। दानह समाहर्ता के निवास स्थान से कुछ ही दूरी पर, पतंग बार एण्ड रेस्टोरेन्ट का लाइसेन्स जारी होने के संबंध में एक मामला सामने आया था। उक्त बार एण्ड रेस्टोरेन्ट के लाइसेन्स जारी करने में आबकारी विभाग द्वारा बनाए गए कई नियमो की अनदेखी की जा रही है इस पर जब क्रांति भास्कर द्वारा प्रमुखता से ख़बर भी प्रकाशित कि गई तो आबकारी विभाग ने मामले की फाइल कुछ समय तक दबा दी, लेकिन थोड़े समय बाद पार्किंग की जमीन ना होने पर भी, पतंग बार एण्ड रेस्टोरेन्ट को आबकारी विभाग ने लाइसेन्स जारी कर दिया।

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इस मामले में जब आबकारी उपायुक्त से सवाल किए तो उन्होने कहा की इस मामले की जानकारी उन्हे भी है और समाहर्ता को भी, मामले में तत्काल संज्ञान लिया जाएगा। लेकिन आज तक पतंग बार एण्ड रेस्टोरेन्ट आबकारी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही होते नहीं देखी गई, ना ही आबकारी निरीक्षक मिहिर पर कोई कार्यवाही हुई। अब पतंग बार के बोर्ड को देखकर क्या समझा जाए? क्या यह समझना गलत होगा की निरीक्षक मिहिर ने अपनी कारिगिरी दिखा दी और आबकारी उपायुक्त तथा आबकारी आयुक्त को गुमराह करने में कामियाब हो गया? बड़े ताज्जुब की बात तो यह है की बार एण्ड रेस्टोरेन्ट, समाहर्ता निवास वाली रोड पर है, और इसी रोड पर होने वाली अनियमितताओं की जानकारी होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी आंख मुंदे बैठे ना जाने अब किस फजीहत का इंतजार कर रहे है? शेष फिर।