प्रशसाक प्रफुल पटेल, सलाहकार सत्या और ओ-एस-डी गोहील पर गंभीर आरोप!

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Daman News

दमन का आर-टी-ओ विभाग और इस विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली और भ्रष्टनिती के चलते कई बार दमन-दीव प्रशासन शर्मशार हो चुकी है, पूर्व में उक्त आर-टी-ओ पर पड़े सीबीआई छापे को भी अभी कोई इतना समय नहीं हुआ की प्रशासन के अधिकारियों को उसकी जानकारी ना हो, इस पर पुनः उक्त विभाग एवं विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली और भ्रष्टनिती पर सवाल प्रशासन के लिए पुनः कालिख बनते दिखाई दे रहे है।

हालही में क्रांति भास्कर के पास आर-टी-ओ विभाग एवं आर-टी-ओ निरीक्षक बीपीन पवार को लेकर एक काफी चोकाने वाला मामला आया है, मामला है एक शिकायत का। दिनांक 20-02-2017 को भरतकुमार वडोदरिया द्वारा दमन-दीव प्रशासक को एक लिखित शिकायत कुछ दस्तावेजों के साथ मिली, उक्त शिकायत में भरतकुमार वडोदरिया ने प्रशासक को बताया कि, बीपीन पवार के पास लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर के अलावे नोडल ऑफिसर दमन हाउस नई दिल्ली, प्रशासक निवास तथा आर-टी-ओ निरीक्षक का अतिरिक्त प्रभार भी है।

उक्त शिकायत में बताया गया है कि दमन के आर-टी-ओ निरीक्षक बीपीन पवार यह दावा कर रहे है की वह प्रशासक प्रफुल पटेल, प्रशासक के सलाहकार सत्या, तथा ओ-एस-डी एम-एस गोहील के इतने करीबी है की उनसे कोई भी काम करवा सकते है, इसी मामले में एक उधोगपति का नाम भी बताया गया है, उस उधोगपति का नाम परिमल शाह।

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इसके अलावे भी बीपीन पवार पर कई आरोप और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए गए है, शिकायत कर्ता ने अपनी शिकायत में बताया की पूर्व में बीपीन पवार प्रशासक निवास तथा प्रशासक कार्यालय की मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए पाए गए, इसके बाद भी बीपीन पवार को दमन प्रशासक निवास के रखरखाव का प्रभार कैसे दिया गया? दानह सांसद नट्टू पटेल के जाली हस्ताक्षर तथा लेटर-पेड़ का भी दुरुपयोग करते पाए गए, इसके अलावे सवय आर-टी-ओ निरीक्षक के पद पर रहते हुए शराब पीकर वाहन चालते हुए पाए गए।

दमन आर-टी-ओ विभाग के दोनों निरीक्षक बीपीन और सलीम दोनों ही आर-टी-ओ में काम करते हुए निलंबित हुए, और आज भी दोनों आर-टी-ओ में अपनी सेवा दे रहे है यह दमन-दीव प्रशासन के लिए शर्म की बात भले ही ना हो, लेकिन इसे गर्व की बात भी तो नहीं कहा जा सकता।

इतना ही नहीं बीपीन पवार पर यह भी आरोप है की दमन लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर के पद का दुरुपयोग करते हुए वह प्रशासक निवास के वाहनों के डीजल को वह अपने वाहनों में डालते है, इसके अलावा बताया गया की सरकारी विभागो में किराए पर लिए गए कई वाहनों के अधोषित मालिक भी बीपीन पवार है। इन सब मामलों के अलावे आर-टी-ओ निरीक्षक बीपीन पवार तथा लोकेशचन्द्र भी वीआईपी नंबर के आवंटन में अपने पद का दुरुपयोग करने एवं सरकारी तिजोरी को लाखों की चपत लगाने का आरोप लगाया है।

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मामला तो यह लोक निर्माण विभाग के अभियंता बीपीन पवार से जुड़ा है लेकिन जिस तरह इस मामले में बताया गया है की बीपीन पवार को प्रशासक एवं प्रशासक के सलाहकार सत्या तथा ओ-एस-डी गोहील का संरक्षण प्राप्त है, इसे देखकर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता की अब सक की सुई प्रशासक प्रफुल पटेल, तथा प्रशासक के सलाहकार सत्या तथा ओ-एस-डी गोहील पर भी जाती है।

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इस पूरे मामले को देखने के बाद और प्रशासन की इस मामले में चुप्पी के बाद, यही प्रतीत होता है की इस शिकायत में प्रशासक प्रफुल पटेल तथा सलाहकार सत्या एवं ओ-एस-डी गोहील के करीबी होने की जो बात कही गई है उसे झुटलाना अब बामुश्किल है।

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