दानह RTO के बड़े अधिकारी पर प्रतिमाह करोड़ों के भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप!

संध प्रदेश दमन तथा दानह आर-टी-ओ विभाग एवं उक्त विभाग के आर-टी-ओ निरीक्षक कई बार सवालों के घेरे में रहे है। पहले भी कई बार दमन तथा दानह आर-टी-ओ विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली, कमाउनीति एवं भ्रष्टनिती के चलते दमन-दीव व दानह प्रशासन शर्मशार हो चुकी है। इसके अलावे दमन आर-टी-ओ पर पूर्व में पड़े सीबीआई छापे से भी जो कीचड़ संध प्रदेश प्रशासन पर उड़ा था, शायद उस कीचड़ के छीटो से भी दोनों संध प्रदेशों की प्रशासन ने कोई सबक लेना ठीक नहीं समझा, शायद यही कारण है जिसके चलते आज दोनों प्रदेशों के आर-टी-ओ विभाग एवं विभागीय अधिकारी पुनः सवालों के घेरे में आ गए है।

इस बार जो कीचड़ और आरोप दानह आर-टी-ओ विभाग एवं विभाग के अधिकारियों पर लगे है उन आरोपों से अब ना ही प्रशासन मुह मोड़ पाएगी और ना ही जांच से इंकार कर पाएगी, इतना ही नहीं संध प्रदेश के इतिहास में यह पहला मामला होगा जब एक निरीक्षक के साथ साथ एक दानिक्स अधिकारी पर भी भ्रष्टाचार के इतने गंभीर आरोप लगे हो।  

  • इस मामले में ना जांच से इंकार किया जा सकता है ना ही भ्रष्टाचार से।
  • आर-टी-ओ के कई बड़े अधिकारी भ्रष्टाचार के कीचड़ में।
  • दानह आर-टी-ओ में बे-हिसाब भ्रष्टाचार का भाड़ा-फोड़!

इस बार दानह आर-टी-ओ विभाग के तत्कालीन अधिकारी भल्ला तथा आर-टी-ओ निरीक्षक चोहान पर जो आरोप लगे है उनकी सीबीआई जांच करवाने से अब शायद अब प्रशासक प्रफुल पटेल भी इन्कार ना कर पाए। क्यों की यह आरोप दमन प्रशासन के ही आर-टी-ओ निरक्षक बीपीन पवार ने लगाए है और बीपीन पवार पूर्व में दानह आर-टी-ओ में भी काम कर चुके है इस लिए भी बीपीन पवार के आरोपों से किनारा करना प्रशासन के लिए नामुकिन होगा।

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दमन आर-टी-ओ निरक्षक बीपीन पवार का कहना है की दानह आर-टी-ओ में बे-हिसाब भ्रष्टाचार हुआ है और अधिकारियों ने करोड़ो रुपये की काली आम्दानी की है, बीपीन पवार का कहना है की दानह आर-टी-ओ के भ्रष्टाचार की वसूली करोड़ों में है, और इससे भी अधिक चोकाने वाली बात यह है की दमन आर-टी-ओ निरक्षक बीपीन पवार के अनुसार दानह आर-टी-ओ के तत्कालीन दानिक्स अधिकारी भल्ला प्रतिमाह एक करोड़ रुपये की काली कमाई करते रहे।

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दमन आर-टी-ओ निरीक्षक बीपीन पवार पूर्व में दानह आर-टी-ओ निरीक्षक पद पर काम कर चुके है ऐसे में यह मानना भी मुनासिब है की दानह आर-टी-ओ की कार्यप्रणाली तथा भ्रष्टाचार के बारे में उन्हे पूरी जानकारी होगी। वैसे दमन आर-टी-ओ निरीक्षक बीपीन पवार ने जो आरोप दानह आर-टी-ओ एवं आर-टी-ओ विभाग के संबन्धित अधिकारियों पर लगाए है उसे देखने के बाद यह लगता है की बीपीन पवार को और भी बहुत कुछ पता है दानह आर-टी-ओ विभाग के अधिकारियों की काली करतूतों के बारे में, लेकिन शायद अब दमन आर-टी-ओ निरीक्षक बीपीन पवार से वह तमाम जानकारी दानह में बैठे सीबीआई कार्यालय के अधिकारी जमा करे, तो आगे चलके उन्हे दानह आर-टी-ओ के अधिकारियों की काली कमाई की जांच करने में आसानी होगी।

वैसे दमन आर-टी-ओ निरीक्षक बीपीन पवार के आरोपों को देखने हुए अब इस बात से तो इंकार करना मुश्किल है की दानह आर-टी-ओ में बैठे अधिकारी ईमानदार है क्यो की जब उक्त आर-टी-ओ में काम कर चुके अधिकारी ही उक्त आर-टी-ओ के भ्रष्टाचार का ढिंढोरा पीटने लगे तो फिर ईमानदारी की बात को बेमानी ही समझी जाएगी!

  • दमन आर-टी-ओ निरीक्षक द्वारा दानह आर-टी-ओ के भ्रष्टाचार का जो भांडा फूटा है उस पर अब दमन-दीव व दानह के ईमानदार प्रशासक प्रफुल पटेल क्या कहेंगे? 

फिलवक्त दमन-दीव व दानह ट्रांसपोर्ट विभाग के निदेशक आई-ए-एस अधिकारी उमेश कुमार त्यागी है, इस मामले में वह दमन दानह आर-टी-ओ के भ्रष्टाचार एवं भ्रष्ट अधिकारी पर क्या कार्यवाही करते है यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन इस पूरे मामले को देखने के बाद यह मानना बा-मुश्किल है की फिलवक्त दमन व दानह आर-टी-ओ विभाग के अधिकारी ईमानदारी से काम कर रहे है। अब इस पूरे मामले में प्रशासक प्रफुल पटेल तथा ट्रांसपोर्ट निदेशक उमेश कुमार त्यागी आगे क्या कार्यवाही करते है इस पर अवश्य क्रांति भास्कर अपनी पैनी नज़रे बनाए रखेगा। लेकिन इस मामले में सीबीआई को सवय आगे आकर जांच शुरू करने की आवश्यकता है साथ ही साथ यह भी पता लगाने की आवश्यकता है की बीपीन पवार ने जिन अधिकारियों के भ्रष्टाचार की पोल खोली है उन अधिकारियों के अलावे और कितने अधिकारी ऐसे है जो दमन तथा दानह में अपने भ्रष्टाचार का नंगा नाच कर रहे है तथा वरीय अधिकारियों की मदद व सहभागिता के चले अब तक जांच एजेंसियों की नज़रों से बचे है।   

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यादव जी, एक नजर इधर भी…

सतर्कता विभाग के सचिव भी इस खबर को ध्यान से पढ़ ले और ध्यान दे दमन-दीव व दानह के सतर्कता विभाग की कार्यप्रणाली पर, यादव जी, पता लगाए की कितने अधिकारी निलंबन के बाद भी सरकारी कार्यालयों की शोभा बढ़ा रहे है और वन विभाग एवं अन्य सरकारी विभागो के कितने अधिकारियों के निलंबन की फाइले संबन्धित अधिकारी दबाए बैठे है।  

इस लिए भी इस मामले में सीबीआई को पहल करने की आवश्यकता!

जब मामला प्रतिमाह करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का हो और दानिक्स अधिकारियों पर प्रतिमाह करोड़ो की काली कमाई करने के आरोप हो तो फिर स्थानीय जांच एजेंसियों से जांच में ईमानदारी की उम्मीद बे-मानी लगती है। बेहतर है की इस मामले में सवय प्रशासक प्रफुल पटेल सीबीआई जांच की शिफारिश करे ताकि साफ पता चल सके की दाल में कितना काला है!

प्रशासक जी, एक नजर इधर भी…

प्रशासक प्रफुल पटेल कितने ईमानदार है पढिए आने वाले अंकों में….   

प्रशासक महोदय, कृप्या ध्यान दे दमन-दीव व दानह के उन भ्रष्ट अधिकारियों पर जिनके भ्रष्टाचार की शिकायते प्रशासन में जांच तथा कार्यवाही हेतु लंबित है क्यों की भ्रष्टाचार करने वाला हर अधिकारी आपकी ईमानदारी पर सवाल खड़े करता है!

इस मामले में ईमानदारी दिखाते हुए, इस मामले की जांच से दमन-दीव व दानह की जनता के भले का शुभारंभ कीजिए, क्रांति भास्कर आने वाले अंक में आपके सामने एक और चौकाने वाला मामला रखेगी!  

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