आयकर विभाग के नए अधिकारी भारद्वाज, वापी कार्यालय में नहीं आएंगे, पर किराया समय पर चुका दिया जाएगा।

अभी कुछ दिनों पहले ख़बर आई थी कि वापी फॉर्च्यून स्क्वेयर में स्थित आयकर कार्यालय के एक बड़े अधिकारी कमल मंगल का तबादला कर दिया गया। कमल मंगल के पास आयकर विभाग के अन्वेषण विभाग के संयुक्त निदेशक का प्रभार था। अब आयकर विभाग के अन्वेषण विभाग के संयुक्त निदेशक का प्रभार आयकर अधिकारी भारद्वाज को दिया गया है और भारद्वाज सूरत से ही काम-काज करेंगे। वापी आयकर विभाग के इंस्पेक्टर ने बताया कि भारद्वाज वापी में स्थित आयकर कार्यालय में नहीं आने वाले है। वह सारा काम काज सूरत से ही देखेंगे, यदि अब वलसाड, वापी, दमण, सिलवासा कि जनता को उनसे मिलकर शिकायत करनी है तो उन्हे सूरत जाना पड़ेगा। वापी आयकर कार्यालय से किसी को ना उनका नंबर दिया जाएगा, ना ई-मेल आई-डी बताया जाएगा। डीजीटील इंडिया में उनका यह कहना है कि यदि कोई शिकायत है तो पोस्ट कार्ड लिखिए। कुल मिलाकर वापी में स्थित आयकर अधिकारियों कि दादागिरी और मनमानी के चलते आयकर विभाग कि छवि धूमिल होती दिखाई दे रही है वही उक्त इंस्पेक्टर कि बातों से लगता है कि आयकर विभाग के अन्वेषण विभाग के संयुक्त निदेशक भारद्वाज ने अपने पूरे कार्यकाल का ब्योरा पहले ही वापी आयकर इंस्पेक्टर को भेज दिया है जिससे वह यह दावे से कह सकते कि वापी स्थित कार्यालय में अब आयकर विभाग के अन्वेषण विभाग के संयुक्त निदेशक नहीं आएंगे और टैक्स चोरी करने वाले बिल्डरों को, इस खाली पड़े कार्यालय का किराया भुगतान जनता के टैक्स द्वारा मिले धन से समय पर कर दिया जाएगा।

आयकर विभाग के अन्वेषण विभाग के संयुक्त निदेशक का प्रभार अब भारद्वाज के पास।

ज्ञात हो कि बिल्डरों द्वारा काले धन की लेन-देन और करोड़ों कि टैक्स चोरी मामले में क्रांति भास्कर द्वारा दिनांक 22-07-2019 तथा दिनांक 12-08-2019 को प्रमुखता से ख़बर प्रकाशित कि गई थी इसके अलावे दिनांक 12-08-2019 के अंक में क्रांति भास्कर द्वारा, वापी में चल रहे कई आंगड़िया कंपनियों के नाम कि सूची भी प्रकाशित की गई थी। काले-धन कि लेन-देन और करोड़ों कि टैक्स चोरी के मामले में जब उस वक्त के आयकर अधिकारी कमल मंगल से बात हुई तो उन्होने ने मामले में ठोस कार्यवाही करने को कहा। अब सवाल यह है कि क्या सूरत में बैठे बैठे वापी के बिल्डरों पर आयकर अधिकारी कार्यवाही कर पाएंगे? क्या सूरत में बैठे आयकर अधिकारियों को वापी के बिल्डरों कि काली-करतूतों कि जानकारी है? कमल मंगल के बाद भारद्वाज अब आयकर विभाग को चुना लगाने वालों पर कितनी कार्यवाही करते है यह तो समय आने पर पता चलेगा, लेकिन बिल्डरों कि टैक्स चोरी को जब वापी में बैठकर अधिकारी बंद नहीं करवा सके तो उस टैक्स चोरी पर सूरत में बैठे अधिकारी कैसे अंकुश लगा पाएंगे? यह सवाल भी अब फन उठाए खड़े है।

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