आयकर विभाग के ( अन्वेषण ) संयुक्त निदेशक कमल मंगल का तबादला।

वापी। बिल्डरों द्वारा काले धन की लेन-देन और करोड़ों कि टैक्स चोरी मामले में क्रांति भास्कर द्वारा दिनांक 22-07-2019 तथा दिनांक 12-08-2019 को प्रमुखता से ख़बर प्रकाशित कि गई थी इसके अलावे दिनांक 12-08-2019 के अंक में क्रांति भास्कर द्वारा, वापी में चल रहे कई आंगड़िया कंपनियों के नाम कि सूची भी प्रकाशित की गई थी, लेकिन इसके बाद भी वापी में बैठे आयकर अधिकारियों द्वारा मामले में कोई ठोस कार्यवाही देखने को नहीं मिली।

वापी में बिल्डरों द्वारा करोड़ों कि टैक्स चोरी और खुलेआम चल रहे आंगड़िया कंपनियाँ, बार बार आयकर अधिकारियों कि कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती रही है। आयकर अधिकारियों कि कार्यप्रणाली पर सवालों कि असली बारिश तो तब शुरू हुई जब आयकर विभाग के कार्यालयों के मकान मालिक दर्शक शाह और भावेश शाह की ( फॉर्च्यून ग्रुप ) टैक्स चोरी का मामला सामने आया।

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बिल्डरों द्वारा काले धन की लेन-देन और करोड़ों कि टैक्स चोरी और खुलेआम चल रही आंगड़िया कंपनियों का खुला चिट्ठा प्रकाशित करने के बाद भी जब वापी में बैठे आयकर अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही देखने को नहीं मिली तो क्रांति भास्कर ने उक्त सभी खबरों पर कार्यवाही के लिए, उक्त खबरें भारत के वित्त मंत्री, आयकर महानिदेशालय, गांधीनगर, ई-डी, सीबीआई तथा अन्य संबन्धित अधिकारियों को भेजी। जिससे संबन्धित विभाग एवं विभागीय अधिकारी उक्त मामले में जांच कर नियमानुसार कार्यवाही कर सके।

अब पता चला है कि आयकर विभाग के अन्वेषण विभाग के संयुक्त निदेशक कमल मंगल का तबादला कर दिया गया है। कमल मंगल वापी चला स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में अन्वेषण संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत थे। कमल मंगल का तबादला देखकर लगता है कि गांधीनगर में बैठे आयकर अधिकारियों ने वापी में बैठे आयकर अधिकारियों कि टोह लेनी शुरू कर दी है। वैसे वापी के टैक्स चोर बिल्डरों पर गांधीनगर में बैठे आयकर अधिकारियों की गाज़ कब गिरेगी यह तो समय बताएगा, लेकिन आयकर विभाग के संयुक्त निदेशक का तबादला एक बड़े संज्ञान के रूप में देखा जा रहा है। शेष फिर।

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